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जौनपुर में जन्माष्टमी का उत्सव, मंदिरों से पुलिस लाइन और जिला जेल तक विशेष आयोजन

जौनपुर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर जिलेभर में उत्साह रहा। मंदिरों, पुलिस लाइन और जिला जेल में विशेष आयोजन हुए, जबकि बाजारों में लड्डू गोपाल की पोशाक और श्रृंगार सामग्री की मांग बढ़ी।
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प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार शहीद की शहादत…

बजरंगनगर अकबरपुर रोड पर लगे शिलापट्ट पर अंकित नाम बनी धुंधली यादें

जौनपुर धारा, केराकत। देश के आन-बान-शान पर अपने प्राण निछावर करने वाले अमर शहीदों के लिए जगदम्बा प्रसाद मिश्र ने एक कविता लिखी। जिसमे एक पंक्ति ‘शहीदों की चिताओं पर जुड़ेंगे हर बरस मेले। वतन पर मरनेवालों का यही बाक़ी निशाँ होगा’ रहीं जिसे आज देश का हर बच्चा जानता है। इन्ही गीतों व कविताओं के माध्यम से आज के जवानों में भी वीर रस का उत्सर्जन होता रहा है। आज भी अमर शहीद जवानों के गांवों में उन्हें याद रखने के लिए पत्थर की शिलाओं पर उनका नाम अंकित कर यह बताया व जताया जाता है कि हम उन्हें नहीं भूलेंगे। जबकि कहीं-कहीं अधिकारियों की लापरवाही कहें या मनमानी ऐसे शिलाएं जो शहीदों के नाम को अमर बनाती है के रख-रखाव पर ध्यान नहीं देतें। जिससे अमर जवानों के नाम शिलाओं पर गैरजिम्मेदाराना तरीके से धूमिल हो जातें है। हम बात कर रहें हैं भौरा ग्राम के शहीद संजय सिंह जिन्होंने अपने देश के लिए अमर बलिदान दिया। उनके पैतृक आवास पर लगा शिलापट्ट प्रशाशन की दुर्दशा बयाँ कर रहा है। अमर शहीदों के बलिदान का हमारा देश कैसे सम्मान करता है।