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आत्मा गवर्निंग बोर्ड की बैठक में 527.11 लाख की कृषि कार्ययोजना मंजूर

विकास भवन में आयोजित आत्मा योजना की बैठक में 527.11 लाख रुपये की कृषि कार्ययोजना स्वीकृत की गई। किसानों के प्रशिक्षण, कृषि नवाचार और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर विशेष चर्चा हुई।
Homeअंतर्राष्ट्रीयतुर्की के सैन्य बलों अबू हुसैन अल कुरैशी को मार गिराया

तुर्की के सैन्य बलों अबू हुसैन अल कुरैशी को मार गिराया

तुर्की के सैन्य बलों ने इस्लामिक स्टेट के प्रमुख अबू हुसैन अल कुरैशी को मार गिराया है. तुर्की ने सीरिया की सीमा में घुसकर इस कार्रवाई को अंजाम दिया है. तुर्की के राष्ट्रपति रैचप तैयप एर्दोगान ने रविवार (30 अप्रैल) को ये जानकारी दी.

एर्दोगान ने कहा खुफिया एजेंसियां लंबे समय से आईएसआईएस चीफ के पीछे लगी हुई थीं. तुर्की के ब्रॉडकॉस्टर टीआरटी से एर्दोगान ने बताया कि अल कुरैशी को तुर्की के राष्ट्रीय खुफिया संगठन के एक ऑपरेशन में सीरिया के अंदर मार गिराया गया. अबू हुसैन अल हुसैनी अल कुरैशी को अबू हुसैन अल-कुरैशी के नाम से जाना जाता था. दक्षिणी सीरिया में एक ऑपरेशन में इस्लामिक स्टेट के पिछले नेता के मारे जाने के बाद आईएस ने नवंबर 2022 में अल-कुरैशी को अपना प्रमुख चुना था. अब छह महीने के भीतर ही दुनिया के सबसे खूंखार आतंकी संगठन के मुखिया का अंत हो गया. सीरिया के रक्षा सूत्रों के मुताबिक, तुर्की के सैन्य बलों की ये कार्रवाई उत्तरी सीरियाई शहर जंदारी में हुई है. इस शहर पर तुर्की समर्थित विद्रोही समूहों का कब्जा है. यह शहर 6 फरवरी को तुर्की और सीरिया में आए भीषण भूकंप में बुरी तरह से प्रभावित हुआ था.सीरियाई नेशनल आर्मी ने इस कार्रवाई को लेकर अभी कोई बयान नहीं दिया है. एक स्थानीय नागरिक ने एएफपी को बताया कि कार्रवाई शनिवार और रविवार की दरमियानी रात शुरू हुई. इस दौरान एक घंटे तक भारी गोलीबारी हुई है और एक जोरदार धमाका सुना गया. सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया था, ताकि कोई वहां आ न सके.इस्लामिक स्टेट ने 2014 में बहुत तेजी से अपना प्रभाव फैलाया था और इसने इराक और सीरिया के विशाल क्षेत्रों पर कब्जा कर लिया था. उस समय उसके प्रमुख अबू बक्र अल-बगदादी ने पूरे क्षेत्र में एक इस्लामी खिलाफत घोषित कर दिया था. इसके बाद सीरिया और इराक में अमेरिकी समर्थित बलों के अभियानों के साथ ही ईरान, रूस और विभिन्न अर्धसैनिक बलों द्वारा समर्थित सीरियाई बलों के अभियानों के चलते आईएस ने इस क्षेत्र पर अपनी पकड़ खो दी. इसके हजारों लड़ाके हाल के वर्षों में अधिकांश समय छिपकर रह रहे हैं. हालांकि, वे अभी भी बड़े छापामार हमलों को अंजाम देने में सक्षम हैं.