Become a member

Get the best offers and updates relating to Liberty Case News.

― Advertisement ―

spot_img

मछलीशहर प्रतिभा सम्मान समारोह में मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान

मछलीशहर के राजमहल पैलेस में आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में विभिन्न विद्यालयों के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने विद्यार्थियों को शिक्षा के महत्व को समझते हुए निरंतर मेहनत करने के लिए प्रेरित किया।
Homeमनोरंजनतय समय से 1 माह पहले ही कर ली शादी, कार्ड भी...

तय समय से 1 माह पहले ही कर ली शादी, कार्ड भी छप सका

दिलीप कुमार और सायरा बानो की शादी साल 1966में हुई थी और चार साल बाद इस शादीशुदा जोड़ी को पहली बार फिल्म गोपी में साथ में देखा गया था। यानी शादी से पहले इस जोड़ी ने साथ में कोई फिल्म नहीं की थी।

हिंदी सिनेमा के ट्रेजडी किंग दिलीप कुमार आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी फिल्में और उनका शानदार अभिनय आज भी उनके फैंस के दिलों में जिंदा है। दिलीप कुमार ने अपने 5 दशक से भी लंबे फिल्मी करियर में हिट फिल्मों का अंबार लगा दिया था। दिलीप कुमार ने साल 1944 में फिल्म ज्वार भाटा से सिनेमा में एंट्री ली थी और आखिरी बार उनको साल 1998 में फिल्म किला में देखा गया था। दिलीप कुमार का फिल्मी करियर के दौरान खूबसूरत एक्ट्रेस मधुबाला संग नाम जुड़ा था और दोनों शादी भी करने वाले थे, लेकिन वक्त को कुछ और मंजूर था। फिर दिलीप कुमार की जिंदगी में सायरा बानो आईं और उनके निधन तक उनके साथ रहीं। दिलीप कुमार और सायरा बानो की शादी साल 1966में हुई थी और चार साल बाद इस शादीशुदा जोड़ी को पहली बार फिल्म गोपी में साथ में देखा गया था। यानी शादी से पहले इस जोड़ी ने साथ में कोई फिल्म नहीं की थी। गौरतलब है कि 1996में दिलीप कुमार और सायरा बानो की शादी नवंबर महीने में होनी थी, लेकिन किसी कारणवश यह शादी एक महीने पहले अक्टूबर में आनन-फानन में हुई। दिलीप कुमार और सायरा बानो की शादी आज से 58 साल पहले हुई थी। दिलीप-सायरा की शादी में दो सितारों का मिलन जमीन पर यह गाना पूरी रात रेडियो पर बजा था। एक्ट्रेस सायरा बानो ने बताया था कि उनकी शादी बहुत जल्दबाजी में हुई थी। यहां तक कि उनकी शादी का लहंगा एक लोकल दर्जी ने सिला था। अभिनेत्री ने बताया था, हमारी शादी जितनी सुंदर थी, उतनी ही जल्दबाजी में हुई थी, मेरी शादी का लहंगा एक लोकल दर्जी ने सिला था, हमारे पास अपनी शादी के कार्ड छपवाने तक का समय नहीं था, क्योंकि सब कुछ इतनी जल्दी में हुआ था कि कुछ पता ही नहीं चला, लेकिन इसके लिए मैं ईश्वर की शुक्रगुजार हूं, अगर हमारे पास ज्यादा समय होता, तो मेरी मां नसीम बानो मेरी शादी में कोई कसर नहीं छोडतीं, डिजाइनर्स से लेकर ज्वैलर्स तक की परेड करवा देतीं।