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Jaunpur: केराकत में वाटर कूलरों का निरीक्षण, एसडीएम ने दिए रखरखाव के निर्देश

जौनपुर। भीषण गर्मी को देखते हुए केराकत में नगर पंचायत द्वारा लगाए जा रहे वाटर कूलरों का निरीक्षण किया गया। उपजिलाधिकारी ने अधिकारियों के...
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तम्बाकू सेवन से जन्म लेती हैं कई बीमारियां : सीएमओ

  • विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर चलाया हस्ताक्षर अभियान, आयोजित हुई गोष्ठी

जौनपुर धारा, जौनपुर। विश्व तम्बाकू निषेध दिवस के उपलक्ष्य में जन जागरूकता फैलाये जाने हेतु हस्ताक्षर अभियान एवं गोष्ठी का आयोजन मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. लक्ष्मी सिंह की अध्यक्षता में कार्यालय सभागार में किया गया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा बताया गया कि आज विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर इस वर्ष की थीम ही है। तम्बाकू सेवन का व्यापक दुष्प्रभाव है। इसके सेवन से कई बीमारियां हो सकती है। लोगों को जागरुक करने के लिये प्रत्येक वर्ष 31 मई को विश्व तम्बाकू निषेध दिवस दिवस मनाया जाता है। उन्होंने बताया गया कि तम्बाकू सेवन से गम्भीर बिमारियां जैसे-मुख, फेफड़े का कैन्सर, बीपी, शुगर, नपुंसकता इत्यादि बीमारियां हो सकती हैं। इस कारण कई लोग समय से पहले अपंग या मत्यु को प्राप्त करते है। उनके द्वारा बताया गया कि विभाग द्वारा जनपद में विभिन्न जागरुकता कार्यक्रम यथा शपथ अभियान, सभी सामु./प्रा.स्वा. केन्द्रो/हेल्थ एण्ड वेलनेस सेन्टरों/उपकेन्द्रों पर नि:शुल्क एनसीडी जांच शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। नोडल अधिकारी तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम डा. राजीव कुमार द्वारा बताया गया कि 15 मई से 15 जून तक तम्बाकू निषेध माह मनाया जा रहा है जिसमें अभियान के दौरान समस्त जनपद के विभागों का दायित्व होगा कि वे अपने-अपने कार्यालय में तम्बाकू निषेध जनजागरूकता पर चर्चा करायें तथा जनहित में प्रचार-प्रसार करायें। चिकित्साधिकारी एनसीडी जिला चिकित्सालय डा. केके पाण्डेय द्वारा बताया गया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा हर वर्ष इसकी थीम निर्धारित की जाती है इस वर्ष इसकी थीम हमे भेजन चाहिये तम्बाकू नहीं निर्धारित की गयी है। आकड़े बताते है कि प्रति वर्ष साठ करोड़ वृक्षो को काटकर सिगरेट बनाया जाता है और तम्बाकू जनित उत्पादों से लगभग आठ करोड़ चालीस लाख टन कार्बन डाई आक्साइड उत्सर्जित होती है जिससे वायुमण्डल का तापमान बढ़ता है इतना ही नही सिगरेट बनाने में लगभग बाइस अरब लीटर पानी का उपयोग किया जाता है इससे न केवल पर्यावरण का खतरा उत्पन्न होता है बल्कि जल की बबार्दी भी होती है। इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. एसपी मिश्रा, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. नरेन्द्र सिंह, डीपीएम एनएचएम सत्यव्रत त्रिपाठी, एमएच कन्सलटेन्ट नीरज सिंह, कनिष्ठ लिपिक अजय सिंह, एफएलसी जय प्रकाश गुप्ता एवं एनसीडी सेल के सभी अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।

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