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ध्वनि प्रदूषण: विकास की शोर में दम तोड़ती शांति और सेहत

ध्वनि प्रदूषण आज एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट बन चुका है। जौनपुर जैसे शहरों में ट्रैफिक, लाउडस्पीकर और अनियंत्रित शोर लोगों की मानसिक शांति और स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डाल रहे हैं।
Homeउत्तर प्रदेशडिंपल बनाम रघुराज : दोनों एक-दूसरे के लिए कितनी चुनौती

डिंपल बनाम रघुराज : दोनों एक-दूसरे के लिए कितनी चुनौती

गुजरात विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के साथ ही आज यानी सोमवार को पांच राज्यों की छह विधानसभा सीटों और उत्तर प्रदेश की मैनपुरी लोकसभा सीट पर भी मतदान होना है। जिन पांच राज्यों के विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है उनमें उत्तर प्रदेश की रामपुर सदर और खतौली, ओडिशा की पदमपुर, राजस्थान की सरदारशहर, बिहार की कुरहनी और छत्तीसगढ़ की भानुप्रतापपुर विधानसभा सीटें शामिल हैं। 

हालांकि, गुजरात चुनाव के बाद अगर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है तो वह है मैनपुरी लोकसभा सीट की। उपचुनाव में यहां से मुलायम सिंह यादव की बहू और सपा प्रमुख अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव ने ताल ठोका है। डिंपल के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी ने रघुराज सिंह शाक्य को उम्मीदवार बनाया है। रघुराज सिंह शाक्य का नाम इसलिए जरूरी है क्योंकि वह अखिलेश के चाचा और इटावा से विधायक शिवपाल सिंह यादव के काफी करीबी रहे हैं। फरवरी तक वह शिवपाल यादव की पार्टी में थे। शिवपाल और अखिलेश में समझौता होने के बाद उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया था। आइए जानते हैं रघुराज शाक्य के बारे में सबकुछ। यादव परिवार से शाक्य के क्या रिश्ते हैं? मैनपुरी में शाक्य और डिंपल यादव एक-दूसरे के लिए कितनी बड़ी चुनौती बन सकते हैं?

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