- मुख्यमंत्री के आदेश के बाद खाली हुए थे पड़ाव, फिर हो गये आबाद
- रोड़वेज से चन्द कदम की दूरी पर ही पुलिस की मौजूदगी में सवारी बटोरते है निजी वाहन

जौनपुर धारा, जौनपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आदेशानुसार 48घंटे के अंदर अवैध टैक्सी स्टैण्ड हटाए जाने का असर तुरन्त तो दिखा था, लेकिन कुछ ही दिनों बाद स्टैण्ड फिर से आबाद हो गये।
इन दिनों सिपाह, जेसिज चौराहा, पालिटेक्नि चौराहा, नईगंज, कटघरा, उर्दू बाजार रोड़, टी.डी.कॉलेज दक्षिणी गेट के सामने, वाजिदपुर तिराहा से टेंपो, जीप, मैजिक व अन्य टैक्सी वाहनों को नगर के अंदर सड़क किनारे खड़े होकर सवारियां भरते देखा जा रहा है जबकि इस तरह के संचालन पर सीएम ने तुरन्त लगाम लगाने का निर्देश दिया था। इनमें कुछ रूटों पर रोड़वेज की बसों का संचालन न होने के कारण डग्गामार वाहनों के सहारे लोग यात्रा करने को मजबूर है। लेकिन कुछ प्राइवेट बसें रोड़वेज परिसर के आस-पास घूमकर ही सवारियां बटोरते रहतें है। जिसका कारण यह है कि बहुत से रूटों के लिये जौनपुर डिपो पर सुबह के समय रोड़वेज बसों का अकाल रहता है।

सुबह होने से पूरे दिन तक रोड़वेज परिसर व जेसिज चौराहे तक प्राइवेट बसों व डग्गामार वाहनों के कारण प्रतिदिन परिवहन विभाग को लाखों का नुकसान झेलना पड़ रहा है। बता दें कि जिस समय यह वाहन वाराणसी, आजमगढ़, प्रयागराज आदि स्थानों के लिये सवारी भरती है प्रत्येक चौराहों पर पुलिस की ड्यूटी भी लगी रहती है। सूत्रों की मानें तो इन अवैध स्टैण्डों के संचालक क्षेत्रिय थाने व चौकियों पर महिने का सुविधा शुल्क पहुँचातें हैं। अगर महिने भर का आकलन किया जाये तो पता चलेगा कि रोडवेज को करोड़ों के राजस्व की चपत लग रही है।

एआरटीओ और परिवहन निगम की संयुक्त कार्रवाई में भी डगामार वाहनों के दौड़ने पर कोई रोक नहीं लग सकी है। शासन के निर्देशानुसार परिवहन निगम की बसों का संचालन 50प्रतिशत सीटिंग क्षमता के अनुसार ही किया जा रहा है। इसका सीधा फायदा डग्गामार वाहन उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलों के डीएम और एसपी के साथ वीडियों कांफ्रेसिंग कर 48घंटों के भीतर अवैध बस और टैक्सी स्टैंड हटाने का आदेश दिया था, जिसका कोई असर अब नहीं दिख रहा है।

शहर में धड़ल्ले से अवैध वाहन स्टैंड चल रहे हैं, जिससे लोगों को जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है। मछलीशहर के लिए जाने वाले प्राइवेट वाहन तारापुर कॉलोनी के बाहर मुख्य मार्ग पर खड़े होते है। इससे शहर में प्रवेश करने वाले लोगों को जाम का सामना करना पड़ता है। बदलापुर जाने के लिए वी मार्ट के आगे बस, जीप, आटों खड़े किए जाते है। जफराबाद जाने के लिए सद्भावना के पास आटो, जीप व कमांडर खड़ी होती है। इसके अलावा शाहगंज जाने के लिए जलकल पानी की टंकी से पहले ही आटो रिक्शा के लिए पड़ाव लगता है। साथ ही मल्हनी जाने के लिए बड़ी मस्जिद के पास सवारियों को भरा जाता हैं। नगर के पालीटेक्निक चौराहा से मड़ियाहूं जाने के लिए वाहन ओवरब्रिज से पहले खड़ा किया जाता है।

जेसीज चौराहे पर प्रशासन की तरफ से वैकल्पिक प्राइवेट बस स्टैंड बनाकर दिया गया है, फिर वह सड़कों पर वाहन खड़ा करके सवारी भरते है। जबकि नियमतः बात की जाय रोडवेज के आस-पास किसी भी दशा में प्राइवेट बसों का संचालन नहीं किया जाना चाहिये। इससे भी चौराहे पर जाम लगता है और सरकारी राजस्व में सेंध भी लगता है।



