खुटहन। अपने लक्ष्य और उद्देश्य के साथ निरन्तर 120दिन पूर्व से जिले के प्रत्येक ब्लाक के लगभग सभी ग्राम पंचायतों में अपना सत्संग सन्देश सुनाते हुये पंकज महाराज कहा कि गृहस्थ आश्रम सबसे अच्छा आश्रम है। इसमें रहकर मेहनत-ईमानदारी से अपनी जीविका कमायें और समय निकाल कर चौबीस घण्टे में से समय निकालकर भगवान की भक्ति करके अपना आत्म कल्याण कर लें। आये गये का सत्कार करके पुण्य भी कमा लें। मौत के वक्त लोग टकटकी लगा कर देखते हैं कि कोई हमें इस मौत की पीड़ा से बचा ले। लेकिन भाई-बहनों! कोई बचाने वाला नहीं है। ऐसे समय के सच्चे सेवक केवल महात्मा, महानजन होते हैं, जिन्होंने सुरत-षब्द योग की कमाई करके अपनी आत्मा को जगाकर परम पिता परमात्मा से अपने को जोड़ लिया हो। ऐसे महात्माओं के जीव मौत के समय कहीं से भी पुकारें तो महात्मा उनके समक्ष प्रकट होकर उनको मौत की पीड़ा से बचाते हैं।
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जौनपुर में जन्माष्टमी का उत्सव, मंदिरों से पुलिस लाइन और जिला जेल तक विशेष आयोजन
जौनपुर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर जिलेभर में उत्साह रहा। मंदिरों, पुलिस लाइन और जिला जेल में विशेष आयोजन हुए, जबकि बाजारों में लड्डू गोपाल की पोशाक और श्रृंगार सामग्री की मांग बढ़ी।
जीविका कमायें और समय निकालकर भगवान का भजन भी करें : पंकज महाराज

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