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Homeअपना जौनपुरकेराकत में खुला देश का सातवां अनाज बैंक

केराकत में खुला देश का सातवां अनाज बैंक

  • आरएसएस के अखिल भारतीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य इन्द्रेश कुमार ने किया शुभारम्भ

जौनपुर धारा, जौनपुर। केराकत के सरायबीरू मोहल्ले में शनिवार को देश के 7वें अनाज बैंक का शुभारम्भ किया गया। मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य इन्द्रेश कुमार ने दीप जलाकर किया। इस अवसर पर आयोजित एक समारोह में मुख्य अतिथि ने कहा कि अनाज बैंक का उद्देश्य है कि कोई भूखा पेट न सोए। उन्होंने बताया कि इस बैंक में अनाज जमा होता है और अनाज बांटा जाता है। जो भी व्यक्ति अपना अनाज, अनाज बैंक में देगा उसे संतोष, दुआ और मोक्ष मिलेगा। उसके लिए स्वर्ग का दरवाजा खुल जायेगा। अनाज बैंक लोगों के चेहरों पर मुस्कुराहट लाने वाला बैंक है। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने हिन्दू त्यौहारों, धर्म और लवजिहाद पर भी बोला। कहा क िहमारे त्यौहारों में बहुत बड़ा ज्ञान और विज्ञान छिपा है। उन्होंने कहा कि यदि दंगा मुक्त होना है तो सभी समुदायों को अपने अपने धर्म पर चलना होगा। दूसरे के धर्म की आलोचना करना बंद करना होगा। मुख्य अतिथि ने कहा कि प्यार दो तरह का होता है। एक राधा कृष्ण जैसा दूसरा पति पत्नी का। यदि कोई प्यार के नाम पर लव जिहाद करे, अगले दिन टुकड़े टुकड़े कर दे तो यह बर्दाश्त नहीं है। उन्होंने कहा कि सत्य और संस्कृति में बड़ी ताकत होती है। संस्कार और सत्य की राह पर चलने मछली पालन करने वाले अब्दुल कलाम देश के राष्ट्रपति बन गए। स्टेशन पर चाय बेचने वाले मोदी प्रधानमंत्री बन गए। उन्होंने कहा कि गीता पर भरोसा करने वाले ऋषि सुनक इंग्लैंड के प्रधानमंत्री बन गए। उन्होंने कहा कि यदि नेता जी होते तो सन 47 में देश का विभाजन नहीं होती। सरदार पटेल होते तो 12 लाख लोग नहीं मरते, 3 लाख 26 हजार कुर्बानियां जाया नहीं जाती। 2 हजार से अधिक पूजा स्थल नहीं टूटते। आरम्भ में मुख्य अतिथि ने संस्कृत, हिन्दी, उर्दू और अंग्रेजी में नारे लगवाये। इसके पहले संघ के विषय विशेषज्ञ एवं विशाल भारत संस्थान के अंतर्राष्ट्रीय चेयरमैन डॉ. राजीव गुरूजी ने समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि देश में बहुत आंदोलन चला लेकिन पेट भरो आंदोलन नहीं चला। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि हिन्दू मुस्लिम से ऊपर उठकर वंचितों भूखों की मदद करना चाहिए। उन्होंने बताया कि काशी में 26 सौ परिवार अनाज बैंक से जुड़े हैं जिसमें बड़ी संख्या में मुस्लिम जुड़े हैं। कहा कि भूख और पीड़ा में जाति धर्म नहीं देखना चाहिए। पहले भेद नहीं था लेकिन आज समाज में कुछ लोग हैं जो भेद करने पर तुले हैं। उन्हें पहचानने की जरूरत है। उद्घाटन के मौके पर 23 बहनों को अनाज और अंगवस्त्र प्रदान किया गया। इस अवसर पर अनाज बैंक जिला चेयरमैन नौशाद अहमद, बालक दास, पूर्व विधायक दिनेश चौधरी, खालिद अहमद, विशाल भारत संस्थान के उप जिला चेयरमैन इसरार अहमद उपस्थित रहे। संचालन अर्चना भारत वंशी ने किया।