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आईजीआरएस शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करें : जिलाधिकारी

कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित आईजीआरएस समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन ने लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
Homeअपना जौनपुरकर्बला के प्यासे शहीदों की याद में हुई शब्बेदारी

कर्बला के प्यासे शहीदों की याद में हुई शब्बेदारी

  • अंजुमनों ने रात भर नौहा मातम कर पेश किया आसुंओं का नजराना

जौनपुर धारा, जौनपुर। नगर से सटे प्यारेपुर गांव में अंजुमन पैगामे हुसैनी की जानिब से विगत वर्षो की भांति इस वर्ष भी कर्बला के प्यासे शहीदों की याद में शनिवार को शब्बेदारी में पूरी रात बहत्तर शहीदों की शहादत पर मातमी अंजुमनों ने नौहे पढ़ते हुए मातम किया। इस दौरान इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के चाहने वालों ने आंसुओं के जरिए नजराने अकीदत पेश किया। प्यारेपुर में पूरी रात शब्बेदारी में चारों तरफ हाय हुसैन हाय हुसैन की सदा की गूंज रही। शब्बेदारी की मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना जाफर खान सुल्तानपुरी ने कहाकि इमाम को अल्लाह ने बनाया, वो अल्लाह के हुक्म से हेदायत करते हैं अपनी मर्जी से हेदायत नहीं करते हैं। आदम को अल्लाह ने बनाया था बंदों ने नहीं। मौलाना ने कहा कि अल्लाह के बनाए हुए की पहचान ये है फरिश्ते उसके आगे झुक जाए। अलविदायी मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना अंबर खान ने कर्बला के मैदान में इमाम हुसैन व उनके साथियों की शहादत का बयान किया। उन्होंने कहा कि कर्बला में तीन दिन की भूख और प्यास की शिद्दत में नवासा ए रसूल को यजीदी लश्कर ने कत्ल कर दिया। मौलान्ाा ने हजरत इमाम हुसैन के छ: माह के बेटे हजरत अली असगर की शहादत का जिÞक्र किया जिस पर मौजूद लोगों की आंखों में आंसुओ का सैलाब उमड़ पड़ा। इस दौरान अंजुमन पैगामे हुसैनी तिघरा, अंजुमन सज्जादिया मुफ्ती मोहल्ला, अंजुमन हैदरिया कुरापट्टी, अंजुमन गुलशने इस्लाम बाजार भूआ, अंजुमन अजाए हुसैन बबरखा, अंजुमन असगरिया पुरानी बाजार ने नौहा व मातम किया। शब्बेदारी में सोजख्वानी सैय्यद गौहर अली जैदी, पेशख्वानी तनवीर जौनपुरी एवं एहतेशाम जौनपुरी तथा निजामत विश्व विख्यात शायर हसन वास्ती एवं मौलाना शहंशाह मिर्जापुरी ने किया। इस मौके पर सैय्यद मोहम्मद जहूर मित्तन, सैय्यद कौसर अली, सैय्यद शहजाद हुसैन, सैय्यद हैदर अली, सैय्यद जुल्फेकार अली, सैय्यद बशीर हसन अमन, सैय्यद नबी हसन आदि के साथ भारी संख्या में इमाम के चाहने वाले अजादार मौजूद रहे।