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कचगांव कजरी मेले में गाली सुनकर बिना दुल्हन वापस हुए दूल्हे

जौनपुर धारा, जौनपुर। सिरकोनी क्षेत्र के कजगाव (राजेपुर) पोखरे पर सोमवार को डेढ शताब्दी से ज्यादा समय से चला आ रहा ऐतिहासिक कजरी मेला हर्षोल्लास सम्पन्न हुआ। मेले दूल्हे गाली सुनकर बिना दुल्हन के वापस चले गए।

सोमवार को चार बजते बजते हजारों महिलाओं, पुरुषों व बच्चों की भीड़ मेले में जमा होने लगी। इस मेले में अन्य जिलों के काफी लोग आते है। पांच बजे के बाद ऊक्त पोखरे के पूर्वी घाट पर हाथी पर सवार होकर रवि सोनकर दूल्हा बनकर आ गया। उसके साथ सहबाले व सैकड़ो बाराती भी आ गए। बाराती आते ही पश्चिमी घाट पर आए लोगो से गन्दी व अश्लील हरकत करने लगे। उसके बाद कचगांव की तरफ से गुड्डू, ओम सेठ सहित एक एक करके कई दूल्हे तथा सहबाले हाथी, ऊंट, डीजे, बैंडबाजों, ढोल ताशा आदि के साथ पश्चिमी तट पर आ गये। उसके बाद दोनों तरफ से गाली-गलौज व अश्लील इशारों के साथ हो हल्ला शुरू हो गया। यह कार्यक्रम लगभग डेढ़ घण्टे तक चला। दोनो पक्षों के लोग एक दूसरे से दुल्हन विदा करने की मांग करते रहे। परन्तु आज भी दुल्हन कोई नही विदा करा पाया। दूल्हे अफसोस जताते हुए वापस लौट गए। यह अनोखी परम्परा एक बार फिर दोहराई गयी। इसके गवाह दोनो पक्षों के हजारों महिला व पुरुष बने। मेले में लगातार एक दूसरे को गाली दिया जा रहा था। यह गाली तनाव नही मिठास बढ़ा रही थी। इसके साथ ही यह मेला एक बार सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हो गया। इसमें हिन्दू मुस्लिम दोनो समुदाय के लोग शामिल रहे। मेले में आई महिलाओं ने बारात के अनोखे आनंद के साथ ही श्रृंगार का सामान खरीदा,झूले का आनंद लिया। बच्चों ने खिलौने तथा वृद्धों ने घर के सामान को खरीदा। मेले में चेयरमैन फिरोज अहमद खान, छोटेलाल यादव, अबरार शाह सहित अन्य लोगों ने अहम भूमिका निभाई।

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