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एफएसटीपी को नहीं मिल रहा अपशिष्ट, आखिर कैसे बन सकेगा किसानों के लिए खाद 

बस्ती. जनपद में फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट यानी की एफएसटीपी बनकर तैयार हो गया है और अपशिष्टों से जैविक खाद बनने की प्रक्रिया भी चालू हो गया है. जनपद के कुवानों नदी के तट पर 4.43 करोड़ की लागत से एफएसटीपी का निमार्ण कराया गया है. बीच में बजट के अभाव में निर्माण कार्य बंद हो गया था,  लेकिन जब इस खबर को न्यूज 18 में प्रमुखता से चलाया तो फिर से बजट मिला और कार्यदायी संस्था जल निगम द्वारा तेजी से निर्माण कर परियोजना को कंप्लीट कर इसका ट्रायल भी शुरू हो गया है. ट्रायल शुरू होने के बाद भी एफएसटीपी संयंत्र को खाद बनाने के लिए अपशिष्ट नहीं मिल पा रहा है.

एफएसटीपी के ऑपरेटर प्रवीण कुमार ने बताया कि एफएसटीपी को चलाने के लिए प्रतिदिन 24 हजार लीटर अपशिष्ट की जरूरत है. लेकिन अभी यहां नियमित अपशिष्ट नहीं मिल पा रहा है. जिसके कारण मशीन ठप पड़ गई है, मई माह में तो अपशिष्ट बिलकुल भी नहीं आया. कभी कभार दो चार गाड़ी अपशिष्ट आ जाता है तो उसका खाद बन जाता है. बता दें कि एफएसटीपी के निर्माण से बस्ती जनपद को पर्यावरण प्रदूषण से मुक्ति मिल जाएगी. साथ ही लोगों को कई प्रकार की गम्भीर बीमारियों से भी मुक्ति मिल जाएगी और किसानों के लिए उचित और आसानी से खाद भी मिल सकेगा. वहीं, ईओ नगर पालिका दुर्गेश मणि त्रिपाठी ने बताया कि एफएसटीपी का ट्रायल कर लिया गया है. जल्द ही इसे पूरी तरह से चालू कर दिया जाएगा. साथ ही लिस्ट बनाकर नगर पालिका क्षेत्र के सभी घरों की सूची भी तैयार की जा रही है और जल्द ही एक एक घर का अपशिष्ट एफएसटीपी केन्द्र पर भेजा जाएगा.