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55 साल का इंतजार, अब भी अधूरा आशियाना; पट्टे की जमीन पर कब्जे के लिए भटक रहे मुसहर परिवार

जौनपुर के खुटहन ब्लॉक स्थित बड़नपुर गांव में मुसहर परिवारों को वर्ष 1972 में पट्टे की भूमि आवंटित हुई थी, लेकिन आज तक उन्हें वास्तविक कब्जा नहीं मिल सका। मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ भी जमीन विवाद के कारण अधूरा पड़ा है।
Homeअपना जौनपुरएक ही चिता पर देवरानी-जेठानी का हुआ अन्तिम संस्कार

एक ही चिता पर देवरानी-जेठानी का हुआ अन्तिम संस्कार

  • बीमार जेठानी की मौत के कुछ देर बाद सदमे में देवरानी ने भी तोड़ा दम

जौनपुर धारा, खुटहन। पिलकिछा श्मशान घाट पर सोमवार की शाम एक ही चिता पर एक साथ दो शव जलता देख लोगों में कौतूहल का विषय बना रहा। घाट पर शव दाह को आये अन्य लोग एक दूसरे से जानकारी लेते रहे कि आखिर दोनों शव साथ ही क्यों जल रहे हैं। दोनों शव पिलकिछा गांव के ही रामापुर मजरा निवासी सगी जेठानी और देवरानी का था। दोनों के बीच अटूट प्रेम मरने तक बना रहा। चिता पर भी दोनों को एक साथ मुखाग्नि देकर स्वजनों ने भी उनके प्रेम को जीवन के अंतिम छड़ों में अमर कर दिया। गांव निवासी निवासी 65वर्षीया राजपति देवी पत्नी बिरेंद्र व 63 वर्षीया गुजराती देवी पत्नी राम किशोर दोनों सगी देवरानी व जेठानी थी। दोनों के बीच इतना प्रेम था ाfक जीवन पर्यंत आपस में कभी किसी बात को लेकर कहासुनी तक नहीं हुई थी। सोमवार की सुबह दोनों को सांस लेने में तकलीफ़ हुई, तो स्वजन उन्हें एक निजी चिकित्सक के पास उपचार के लिए ले गए। जहां से दवा दिलवाकर दोनों को घर ले आए। थोड़ी देर बाद जेठानी ने दम तोड़ दिया। अभी उनके अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी कि देवरानी की भी तबियत बिगड़ने लगी। जेठानी की मौत के सदमे से देवरानी ने भी छह घंटे के भीतर दम तोड़ दिया। दोनों के मौत की खबर फैलते ही घर पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गयी। स्वजन रोने विलखने लगे। दोनों देवरानी जेठानी का शव जब घर से एक साथ उठा तो सबकी आंखें छलक पड़ी।