जौनपुर धारा, बदलापुर। तहसील क्षेत्र के महराजगंज थाना क्षेत्र के कमला बाजार स्थित समोतपुर निवासी निलेश सिंह का आरोप है कि उनकी पत्नी रुची को डिलेवरी होनी थी। वह पत्नी को महराजगंज के सरकारी अस्पताल ले गए जहां डॉक्टर द्वारा कहा गया कि नार्मल डिलेवरी नहीं होगी आपरेशन करवाना पड़ेगा जो यहां पर नहीं हो सकता। इसके बाद उमरी गांव निवासी एक आशा बहू उनसे मिली और उन्हें बहला-फुसलाकर कम दाम में डिलेवरी कराने के लिए बदलापुर के एक निजी हॉस्पिटल में रुची सिंह का आपरेशन करवा दिया जहां एक लड़की और एक लड़का पैदा हुआ। इस दौरान उक्त आशा ने अपने कमीशन के चक्कर में स्वजन को बिना बताए ही उक्त दोनों बच्चों को लेकर सीधे सेटिंग वाले वैष्णवी बाल चिकित्सालय में भर्ती करवा दिया। फिर स्वजन भी वहां पहुंचे और कुछ घंटे बाद उक्त चिकित्सालय के डॉ. द्वारा बताया गया कि लड़के को सांस लेने में दिक्कत हो रही है उसकी हालत सीरियस है। इसके बाद उक्त स्वजन और डाक्टर में तू-तू मैं-मैं शुरू हो गया। फिर स्वजन अपने दोनों बच्चों को वहां से निकालकर सीधे सब्जी मंडी के समीप स्थित दूसरे चिल्ड्रेन हास्पिटल में भर्ती करवाया जहां दो दिन उपचार करने के बाद बच्चा स्वस्थ हुआ। वहीं बच्चे के स्वजन निलेश सिंह और उनके पिता सुरेश सिंह ने अपनी आर्थिक स्थिती को हास्पिटल के डॉ. बिकास सिंह को बताते हुए रूपए देने में असमर्थता जताई। इसके बाद डॉ. बिकास सिंह द्वारा उक्त बच्चे की दवा इलाज का सारा पैसा माफ करते हुए मुफ्त में इलाज किय। बताते चलें कि तहसील क्षेत्र में बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे दर्जनों हास्पिटल, नर्सिंग होम में गरीबों का लगातार शोषण किया जा रहा है लेकिन शासन प्रशासन इस पर कोई अमल नहीं कर रहा है।
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जौनपुर में जन्माष्टमी का उत्सव, मंदिरों से पुलिस लाइन और जिला जेल तक विशेष आयोजन
जौनपुर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर जिलेभर में उत्साह रहा। मंदिरों, पुलिस लाइन और जिला जेल में विशेष आयोजन हुए, जबकि बाजारों में लड्डू गोपाल की पोशाक और श्रृंगार सामग्री की मांग बढ़ी।
आशा बहुओं की मिली भगत से गरीब हो रहे शोषण का शिकार
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