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आर्थिक सुरक्षा और घरेलू आजीविका के बीच संतुलन की आवश्यकता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोना खरीद सीमित करने की अपील ने देश में आर्थिक सुरक्षा और घरेलू आजीविका के बीच संतुलन की बहस को तेज कर दिया है। यह संपादकीय सर्राफा बाजार, विदेशी मुद्रा भंडार, गोल्ड रीसाइक्लिंग मॉडल और लाखों कारीगरों के रोजगार पर इसके प्रभाव का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करता है।
Homeअपना जौनपुरआरबीआई के नियम ताक पर, करोड़ों रुपये का पेमेंट अटका

आरबीआई के नियम ताक पर, करोड़ों रुपये का पेमेंट अटका

  • सेम डे में चेक क्लियर नियम को बैंक लगा रहे पलीता, 15 दिन में भी नहीं क्लियर हो रहा चेक

जौनपुर। दिवाली से पहले बैंकों में चेक क्लियरिंग का नया सिस्टम पूरी तरह धराशाई  होता नजर आ रहा है। 1८दिन बीत जाने के बावजूद व्यापारियों और आम लोगों के चेक क्लियर नहीं हो पा रहे हैं। इससे कारोबारी वर्ग में भारी आक्रोश है। स्थिति यह है कि लोग बैंकों के चक्कर काट रहे हैं। बता दें कि रिजर्व बैंक ने 4 अक्टूबर को नया चेक क्लियरिंग सिस्टम लागू किया था। जिसमें सेम-डे में चेक क्लियरिंग की बात कही गई थी, लेकिन सेम डे तो दूर, कई बार चेक को क्लियर होने में 10 से 15 दिन तक लग रहे हैं। आरोप है कि 4अक्टूबर का चेक अब तक क्लियर नहीं हुआ है जिसकी वजह से व्यापारी काफी परेशान हैं। करोड़ों की पेमेंट अटकी हुई है। वहीं दावा यह भी किया जा रहा है कि कुछ बैंकों में हालात ऐसे है कि जो चेक 15दिन पहले डाला था जो कि अब तक क्लियर नहीं हुए है। इसके अलावा आरोप है कि बहुत सारे बैंक चेक लेने से ही मना कर रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि चेक क्लियरेंस नहीं होने से छोटे से लेकर बड़े कारोबारियों के बीच अब नोकझोंक शुरू हो गई है। जिसके बाद कारोबारी एक दूसरे पर चेक की जगह आरटीजीएस या नेफ्ट से पेमेंट करने का दबाव बना रहे हैं। जौनपुर के बैंक ऑफ बडौदा के ब्रांच में बहुत से ४ अक्टूबर के चेक अभी तक क्लियर नहीं  हो पा रहें है। बैंक मैनेजर या कर्मचारियों से पूछने पर भी उपभोक्ता को सही जवाब नहीं मिल रहा है, वहीं कहीं-कहीं तो आरबीआई का सर्वर फेल बताकर ग्राहकों को टरकाया जा रहा है। ऐसे में बैंको में चेक लगाकर बैठे छोटे-छोटे व्यापारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। कई व्यापारी तो बैंक व आरबीआई को कोसते नजर आ रहें हैं। उनका कहना है कि पहले वाला नियम ही सही था कम से कम चेक अगले दिन क्लियर हो जा रहा था। व्यापारियों ने मांग किया है कि या तो जल्द से जल्द सिस्टम को सही किया जाये या फिर पूरानी निती ही अपना कर जल्द से जल्द लोगों के चेक क्लियर  किया जाये।

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