- नाबालिक ने लगाया थाने पर बैठाकर अश्लील हरकतों का आरोप
जौनपुर धारा, जौनपुर। जिला मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर दूर जलालपुर थाना क्षेत्र के राजेपुर गांव में जमीन पर अवैध ढंग से खड़ंजा विपक्षी से भारी रकम लेकर लगवा रहे दबंग के साथ थाना अध्यक्ष का वीडियो बनाना मासूम बालिका को भारी पड़ गया। लेकिन जिलाधिकारी के संज्ञान में आते ही थाना अध्यक्ष द्वारा की गई पिटाई से घायल बालिका का चिकित्सकीय परीक्षण व पूरे मामले की जांच का आदेश दिया गया है। राजपुर गांव निवासी अली राजा का गांव के कुछ दबंग लोगों से उसकी रजिस्ट्री की जमीन में रास्ता अवैध ढंग से बनाने को लेकर रंजिश चल रही थी। अली राजा के विपक्षी थाना अध्यक्ष को भारी सुविधा शुल्क के रूप में भारी रकम देकर मिला लिया। थाना अध्यक्ष अपने साथ सिपाहियों को लेकर मंगलवार दोपहर बिना किसी प्रशासनिक अधिकारी के आदेश पर रजिस्ट्री वाली जमीन पर अवैध ढंग से खड़ंजा लगवाने लगे। थाने के थानेदार और पुलिस जवानों को देखकर विपक्षी का हौसला इतना बढ़ गया कि वह अली राजा के घर के सामने रखा उसका ईंट भी जबरदस्ती उठा कर ले गए और खंडजे लगने लगे। अली राजा और उसका परिवार अपने सामने सब कुछ लुटता हुआ देख रहा था और असहाय बना हुआ था। इसी बीच छत पर खड़ी 15वर्षीय मासूम लड़की जन्नत अपने मोबाइल फोन से सारी घटना का वीडियो बनाने लगी। उसके वीडियो बनते देख थाना अध्यक्ष आग बबूला हो गए और विपक्षियों के साथ उसके घर में घुस गए और उसे घसीटते हुए पुलिस की गाड़ी में लाकर बैठा दिया ऐसा परिजनों का कथन है। थाना अध्यक्ष राम सरीख गौतम लड़की को लेकर थाने गए और उसके बड़े पिता अली राजा का चालान कर दिया। लड़की को थाना अध्यक्ष और उनके सिपाहियों द्वारा बेरहमी पिटाई करने के साथ ही न जाने क्या-क्या कर देने की धमकी दी गई। नाबालिक मासूम लड़की को देर रात तक थाने पर बैठे रखने के बाद उसे छोड़ा गया। राजेपुर गांव के इस गरीब परिवार पर पुलिसिया कहर ऐसा किया गया कि डरे सहमे परिवार के लोग बुधवार को जिलाधिकारी अनुज कुमार झा से मिले और अपनी आपबीती सुनाई। जिलाधिकारी ने मामले को संज्ञान में आते ही जलालप्ाुर पुलिस की पिटाई से घायल लड़की को तत्काल जिला अस्पताल में भेजा चिकित्सक द्वारा लड़की के किए गए मेडिकल में उसके शरीर पर पांच गंभीर चोटों को लिखा है और उसे भर्ती कर लिया गया जहां उसका उपचार चल रहा है। जिला अस्पताल भेजने के बाद जिला अधिकारी अनुज कुमार झा स्वयं भी उसकी देखरेख करने जिला अस्पताल पहुंच गए और हालात का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने संपूर्ण प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराए जाने का आदेश भी दिया है।



