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Homeअपना जौनपुरअंतर्राष्ट्रीय महिला सप्ताह के तहत दी गयी अधिकारों की जानकारी

अंतर्राष्ट्रीय महिला सप्ताह के तहत दी गयी अधिकारों की जानकारी

जौनपुर धारा, जौनपुर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं उ.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशानुसार एवं जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण वाणी रंजन अग्रवाल के निर्देशन में 4 से 11 मार्च तक अन्तर्राष्ट्रीय महिला सप्ताह के अवसर पर महिलाओं को उनके अधिकारों एवं कानूनों की जानकारी प्रदान कराने हेतु अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जिला विधिक सेवा  प्राधिकरण प्रशान्त कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला कारागार में विधिक साक्षरता जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस मौके पर जेल अधीक्षक ने बताया कि जिला कारागार में कुल 1036 बन्दी हैं, जिनमें 87 पुरूष तथा 10 महिला सिद्धदोष बन्दी हैं तथा 846 पुरूष तथा 29 महिलाएँ एवं 31 अल्पवयस्क विचाराधीन बन्दी तथा प्रशासनिक आधार पर अन्य कारागार से प्राप्त बंदियों की संख्या 33 है। कारागार में निरूद्ध महिला बन्दियों के साथ कुल 6 बच्चे हैं। शिविर को सम्बोधित करते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रशात कुमार द्वारा बताया गया कि भारत में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिये सबसे पहले समाज में उनके अधिकारों और मूल्यों को मारने वाले उन सभी राक्षसी सोच को मारना जरूरी है जैसे दहेज प्रथा, अशिक्षा, यौन हिंसा, असमानता, भू्रण हत्या, महिलाओं के प्रति घरेलू हिंसा, बलात्कार, वैश्यावृत्ति, मानव तस्करी और ऐसे ही दूसरे विषय लैंगिक भेदभाव राष्ट्र में सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक अंतर ले आता है जो देश को पीछे की ओर ढ़केलता है। महिला बन्दियों को बताया गया कि ऐसे विचाराधीन बन्दी जो अपने वादों में पैरवी हेतु अधिवक्ता करने में अक्षम है तथा ऐसे सिद्धदोष बन्दी जो अपने मामलों में उच्च न्यायालय में अपील करने में अक्षम हों वह कारागार अधीक्षक के माध्यम से अपने प्रार्थना पत्र जिला वििधक सेवा प्राधिकरण में प्रस्तुत कर नि:शुल्क अधिवक्ता प्राप्त कर सकते हैं। इस अवसर पर जेल अधीक्षक एसके पाण्डेय, डिप्टी जेलर राजकुमार सिंह, धर्मेन्द्र सिंह व सुषमा शुक्ला, चिकित्साधिकारी डा. रविराज, फार्मासिस्ट सतीश कुमार गुप्ता तथा जेल पीएलवीगण व अन्य उपस्थित रहे।

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