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Homeअपना जौनपुरसिपाह पावर हाउस के जेई का गजब कारनामा!

सिपाह पावर हाउस के जेई का गजब कारनामा!

खबर का असर

  • खुद के गर्दन पर तलवार लटकतें देख जेई ने दो घण्टे में दे दिया नया कनेक्शन
  • उपभोक्ता से दुर्व्यवहार और धूस मांगने के आरोप में घिरे अवर अभियंता

जौनपुर धारा, जौनपुर। नगर क्षेत्र के सिपाह पावर हाउस इन दिनों काफी चर्चा में है जिसकी गूंज जौनपुर से लेकर लखनऊ तक सुनाई पड़ रही है। कार्यालय पर तैनात अवर अभियंता अपने दुर्व्यवहार के कारण क्षेत्र की जनता के बीच विद्युत विभाग की छवि धूमिल करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहें हैं। लेकिन उन्हे कहाँ पता था कि अपनी गलत नीतियों के कारण किसी ऐसी मुश्किल में पड़ जायेंगे जहाँ आवेदन करने के बाद आनन-फानन में 2 घण्टे के भीतर ही कनेक्शन देकर अपना बचाव करना पड़ जायेगा। मामला नगर क्षेत्र के अकबरपुर आदम का है जहाँ भावना राय नामक एक महिला नये कनेक्शन के लिये तीन बार आवेदन किया था और अपने हिटलर रवैये को अपनाते हुए 10 हजार रूपये लालच में तीनों आवेदन निरस्त कर दिया था, और अन्तिम बार परिसर से आवेदक की अधिक दूरी बताकर 43,341रूपये के लागत का स्टीमेट बनाकर पकड़ा दिया। जबकि जिस स्थान पर उन्होने स्टीमेट बनाकर दिया था वहाँ पहले से ही विद्युत पोल लगा हुआ था। मामले को जौनपुर धारा समाचार पत्र ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। जिसके बाद मामला उर्जा मंत्री ए.के.शर्मा तक के संज्ञान में पहुँच गया और बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता विवेक खन्ना ने जाँच बैठा दिया। मामले में उपभोक्ता द्वारा जेई के ऊपर लगाये गये सारे बयान परत दर परत सही होने लगे और एस.ई.विवेक खन्ना ने कड़ी कार्यवाही तक का निर्णय बना लिया। इसी दौरान शायद जौनपुर के इतिहास में बिजली विभाग के तरफ से पहली बार कुछ ऐसा हुआ जिसे देखकर आस-पास के लोग भी दंग रह गये। अवर अभियंता ने खुद को फंसता देख आनन-फानन में उपभोक्ता से आवेदन करवाकर लगभग दो घण्टे के भीतर कनेक्शन को स्वीकृति देकर मीटर भी दीवाल पर जड़वा दिया। जबकि आम तौर पर मामलों में आवेदन करने के बाद दो से तीन दिन बाद स्थानीय रिपोर्ट लगाई जाती है और फिर मीटर लगाने तक के लिये लगभग एक सप्ताह का समय लगता है। वहीं नए कनेक्शन के आवेदकों से सत्यापन के नाम पर जेई और लाइनमैन धनउगाही के नए-नए पैतरें आजमातें हैं। अवर अभियंता के गर्दन पर तलवार आते ही 43,341रूपये के स्टीमेट में परिवर्तन आ गया और परिसर से पोल की दूरी 25 मीटर कर दी गई। अब सवाल यह उठता है कि जे.ई.द्वारा नए कनेक्शन पर किसी न किसी बहाने से आपत्ति लगाकर वसूली का जो हटकण्डा अपनाया जाता रहा है क्या वह ऐसे ही चलता रहेगा? अक्सर ये सूचनाएं मिलती रहती है कि जेई और लाइनमैन ने पैसों के लिये कनेक्शन निरस्त कर दिया। लेकिन इस मामले में दूध का दूध और पानी का पानी हो गया। जेई के क्षेत्र में उपभोक्ताओं से दुर्व्यवहार के शिकायत आये दिन मिलती रहती है। बिजली विभाग के इन अधिकारियों के कारण ही सरकार के हर घर बिजली की मंशा पर पानी फिर रहा है। हालांकि अधीक्षण अभियंता अभी भी मामले में काफी सख्त है और पूर्ण रूप से कार्यवाही के मुड़ में है। अब देखना यह है कि आनन-फानन में कनेक्शन देने के बाद जेई अपने ऊपर लगे आरोपों को धूलने में कामयाब हो जायेगा या विभाग निष्पक्षता से इन्हे इनके आरोपों की सजा देगा।

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