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हैप्पी मॉडल स्कूल में मिशन शक्ति जागरूकता कार्यक्रम

मुंगराबादशाहपुर के हैप्पी मॉडल पब्लिक स्कूल में थाना पुलिस ने मिशन शक्ति अभियान के तहत छात्राओं को महिला सुरक्षा, आत्मरक्षा, सरकारी योजनाओं और हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी। पुलिसकर्मियों ने छात्राओं से छेड़छाड़ या उत्पीड़न की स्थिति में निडर होकर शिकायत करने की अपील की।

E-Paper 10-10-2026

Homeदेशशिवसेना कार्यकर्ताओं को विरोध प्रदर्शन करने से पुलिस ने रोका

शिवसेना कार्यकर्ताओं को विरोध प्रदर्शन करने से पुलिस ने रोका

मुंबई में साल 2005 में मौजूदा केंद्रीय मंत्र नारायण राणे के सभा स्थल पर शिवसेना कार्यकर्ताओं को विरोध प्रदर्शन करने से पुलिस ने रोका था. इसके बावजूद तत्कालीन शिवसेना के 48 कार्यकर्ताओं ने उपद्रव किया, जिसके बाद कार्यकर्ताओं के खिलाफ दादर पुलिस ने सरकारी काम में बाधा डालने, दंगा करने और पुलिस अधिकारियों पर हमला करने जैसे गंभीर आरोपों में मामला दर्ज किया था. इसी मामले में सोमवार (21 नवंबर) को मुंबई के सेशन कोर्ट में आरोपियों के खिलाफ चार्ज फ्रेम होने थे, लेकिन सभी आरोपियों के उपस्थित न रहने के चलते ये मामला 16 दिसंबर तक टल गया. 24 जुलाई 2005 को मुंबई के प्रभादेवी इलाके में नारायण राणे की एक सभा होने वाली थी, उस समय नारायण राणे ने शिवसेना छोड़कर कांग्रेस पार्टी का दामन थामा था, जिसकी वजह से शिवसैनिकों में नारायण राणे को लेकर काफी गुस्सा था. विरोध प्रदर्शन के लिए शिवसैनिक उनके सभा स्थल पहुंचे और नारायण राणे के खिलाफ नारेबाजी की. उस समय पुलिस ने कार्यकर्ताओं को रोकने की बहुत कोशिश की थी. लेकिन रुकने की बजाय उन लोगों ने पुलिस के साथ हाथापाई शुरू कर दी, जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज  करना पड़ा था. शिवसेना के कुछ बड़े नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया था, उसी दौरान गुस्साए शिवसैनिकों ने पुलिस टीम पर पथराव किया, जिसमें कुछ पुलिसवाले घायल भी हो गए थे. इस पूरी घटना के बाद एक घायल महिला पुलिसकर्मी की शिकायत पर कई अलग-अलग धाराओं में शिवसेना के बड़े नेता सदा सरवणकर (फ़िलहाल शिंदे गुट में हैं) बाला नांदगांवकर (महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना में हैं) अनिल परब (शिवसेना उद्धव गुट में हैं) राजू पेडणेकर, श्रद्धा जाधव आदि सहित कुल 48 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी. ये मामला सालों से चल रहा है. इस मामले में पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सभी आरोपियों को सोमवार (21 नवंबर) को उपस्थित रहने के निर्देश दिए थे, ताकि आरोपियों के खिलाफ चार्ज फ्रेम हो सके, लेकिन 48 में से सिर्फ 21 लोग ही सोमवार (21 नवंबर) उपस्थित हुए. इसके बाद कोर्ट ने चार्ज फ्रेमिंग के लिए अगली तारीख 16 दिसंबर तय कर दी.

10 आरोपियों की मौत हो चुकी है

मुंबई सेशन कोर्ट  को सोमवार (21 नवंबर) को जानकारी भी दी गई की मूल आरोपियों में से अब तक 10 आरोपियों की मौत हो चुकी है. शिवसेना के विभाजन होने के बाद तीन अलग-अलग दलों में बट चुका हैं. कुछ आरोपी शिवसेना उद्धव बाला साहब ठाकरे वाले गुट में है, कुछ शिवसेना शिंदे गुट में, तो कुछ महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना में है. कोर्ट ने सरकारी वकील और दादर पुलिस स्टेशन को ये हिदायत दी कि अगली तारीख से पहले सभी आरोपियों को उपस्थित रहने के संबंध में नोटिस दिया जाए. साथ ही सभी आरोपियों को जरूरी कागजात भी उपलब्ध कराया जाएं, ताकि अगली तारीख पर सभी के खिलाफ आरोप तय हो सके.