- उच्च न्यायालय के आदेशों व्यवसायिक आयोजनों की है मनाही
- राज बना फिटनेस का मामला, खतरा के बीच मनोरंजन कर रही जनता
जौनपुर धारा, जौनपुर। बीआरपी कालेज के मैदान में चल रही प्रदर्शनी में भारी भीड़ उमड़ रही है। लेकिन सवाल इस बात पर उठता है कि शिक्षण संस्थान परिसर में प्रदर्शनी संचालित करने की अनुमति कैसे मिली? जबकि उच्च न्यायालय ने अपने कई आदेशों में शिक्षण संस्थान परिसरों का व्यवसायिक उपयोग न करने का आदेश है। इसके अलावा इस प्रदर्शनी मेले में कई मानकों की अनदेखी की गई है। जिसमें विद्युत सहित फिटनेस तक के मामलों पर संदेह बना हुआ है। इससे पूर्व इसी कालेज में आयोजित एक प्रदर्शनी की अनुमति एसडीएम सदर ने दिया था। अनुमति को निरस्त करते हुए नगर मजिस्ट्रेट ने प्रदर्शनी बन्द करा दिया था। प्रदर्शनी संचालक ने प्रदर्शनी जारी रखने की मांग कोर्ट से की थी लेकिन याचिका खारिज कर दिया था। मामला यह आया कि शिक्षण संस्थान परिसर का उपयोग व्यवसायिक हित (मेला आदि) के लिए नहीं किया जा सकता। वर्ष 2015 में रिट संख्या 2643के माध्यम से दीपक कुमार गुप्ता ने जनपद बस्ती के एक कालेज में चल रही प्रदर्शनी के प्रकरण का मामला उठाया था। जिस पर सुनवाई हुई और मेला संचालक की याचिका को खारिज कर दी गई थी। प्रदर्शनी संचालक ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया मगर उसे राहत नहीं मिली और बोरिया-बिस्तर समेट कर जाना पड़ा। इस मेले में दुबई थीम के नाम पर भीड़ बटोरी जा रही है। प्रदर्शनी में बुर्ज खलीफा आदि इमारतों के कटआउट लगाये हैं। जिसे देखने के लिए लोग आकर्षित हो रहे हैं। अंदर कई गेम आदि का संचालन किया जा रहा हैं। जिसके जरिये जनपद की जनता को लूटा जा रहा है। वहां लगाये गये बड़े-बड़े झूलों से कभी भी कोई हादसा हो सकता है। जिसके फिटनेस का मामला अभी भी राज ही बना हुआ है।प्रतिदिन भारी मात्रा में बिजली का उपयोग किया जा रहा है जिससे भीषण गर्मी के समय सामान्य आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
इससे पहले फिटनेस न होने के कारण हो चुके है हादसे
वर्ष 2022 में मोहाली में अचानक हवा में झूला टूटकर लगभग 50 फीट की ऊंचाई से नीचे गिर गया था। झूले में करीब 50 लोग बैठे थे जिसमें 10 लोगों के घायल होने की सूचना थी। घटना से मेले में अफरा-तफरी मच गई थी लोग घायलों को गोद में उठाकर भागते-दौड़ते देखे जा रहे थे। उसमें भी मामला फिटनेस व क्षमता से अधिक लोगों को बैठाकर झूला झूलाने का प्रकाश में आया था। देखते ही देखते खुशियों का माहौल चीख-पुकार में बदल गया था। इस तरह की घटनाएं जौनपुर में न हो इसके लिये प्रशासन को अभी से सतर्क होना पड़ेगा। नहीं तो अन्य जनपदों की तरह जौनपुर भी हदसों का शिकार हो सकता है।



