जौनपुर धारा, बरसठी। प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र या साधन सहकारी समितियों के माध्यम से इफको खाद कंपनी अपना प्रोडक्ट जबरन किसानों को बेचने के लिए दबाव बनवा रही है। रबि के बुवाई के लिए किसानों की खाद की आवश्यकता देखते हुए एक बोरी यूरिया या डीएपी लेने पर 500 एमएल नैनो तरल (लिक्विड) खाद को जबरन बेचा का रहा है, जिसका किसानों को अभी तक उपयोग भी समझ में नहीं आ रहा। इससे क्षेत्र के छोटे किसान परेशान हैं। क्षेत्र के आधा दर्जन साधन सहकारी समितियों पर नैनो लिक्विड खाद को लेकर किसान और समिति के कर्मचारियों के बीच इन दिनों अक्सर बहस हो रही है। इस जबरदस्ती की ‘योजना’ से परेशान किसानो को तरल नैनो खाद न लेने पर बोरी की खाद नही दी जा रही है किसानों का दावा है कि नैनो खाद खरीदने में किसी की कोई दिलचस्पी नहीं है। क्योंकि इसका उपयोग स्प्रे करने के लिए किया जाता है। जिसके लिए मजदूरों की आवश्यकता होती है जिससे कृषि लागत में और वृद्धि होती है। इसलिए 230 रुपये की लागत से नैनो यूरिया और 600रुपए डीएपी (डाई) की बोतल खरीदना किसानों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ है। किसानों को यूरिया खाद 266 रुपये और डीएपी(डाई)1370 रुपए प्रति बोरी पड़ती है। वही समितियों पर कार्यरत सचिवों का कहना है कि उच्चाधिकारियों की ओर से अधिक से अधिक लिक्विड खाद बेचने का लक्ष्य दिया गया है। शनिवार को कई समितियों पर सरसों सहित अन्य फसलों की बुवाई के लिए खाद लेने आए किसानों को नैनो तरल खाद न लेने पर बैरंग वापस लौटना पड़ा, नैनो तरल खाद की बोतल किसानों और समिति संचालकों के लिए सिरदर्द बनी हुई है। क्षेत्रीय किसानों ने उच्चधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराते हुए तत्काल समितियों पर जबरन तरल (लिक्विड) खाद बेचने को बंद करने की मांग किया है।
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Jaunpur Dhara 22-04-2026
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लिक्विड डीएपी का ‘जबरन सरकारी सौदा, किसान परेशान
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