खुलेआम घूम रहे हैं सभी आरोपी, पुलिस की ईमानदारी पर उठ रहा सवाल
जौनपुर धारा (रामसरन यादव)
केराकत। केराकत के चर्चित हकीम बहादुर अली खां तथा उसके तीन गुर्गों के खिलाफ गम्भीर धाराओं में मुकदमा दर्ज होने के एक सप्ताह बाद भी गिरफ्तारी नहीं होने से पुलिस की निष्ठा पर सवाल उठने लगे हैं। आम नागरिकों में चर्चा है कि पुलिस अपने कर्तव्यों का निर्वहन नही कर रही है। लोगों ने आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने और सरकारी जमीन पर बने मदरसा को ध्वस्त करने की मांग की है। मालूम हो कि नरहन मोहल्ला निवासी बहादुर अली खां ने केराकत कस्बे के मेंहदी तला मोहल्ले में स्थित सरकारी तालाब खाता आराजी संख्या 173 के 0.065हेक्टेयर पर अवैध ढंग से कब्जा कर मदरसा बनवा लिया है। जानकारी होने पर चन्दवक थाना क्षेत्र के सिधौनी गांव निवासी पंकज कुमार सिंह ने जिलाधिकारी से इसकी शिकायत की। पंकज के अनुसार शिकायत करने पर बहादुर और उसके गुर्गों ने न केवल उसे जान से मारने की धमकी दी। बल्कि हिन्दू देवी देवताओं का अपमान भी किया। जिलाधिकारी ने राजस्वकर्मियों से आरोपों की जांच कराई। जांच में शिकायत सही मिलने पर पुलिस को मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया। जिस पर केराकत कोतवाली थाना पुलिस ने बहादुर अली खां और उसके तीन गुर्गों निजामुद्दीन अंसारी, रेहान अंसारी और गुफरान अंसारी के खिलाफ आईपीसी की धारा 153 ए, 153 बी, 295, 295 ए 504, 506 तथा सार्वजनिक संपत्ति नुकसान अधिनियम की धारा 3/5 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बहादुर अली खां ने वर्ष 2016 में 15 अगस्त के दिन अपने इसी मदरसा के छात्रों से पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगवाया था। मामले को लेकर क्षेत्रीय लोगों ने केराकत पुलिस से शिकायत की लेकिन तत्कालीन समाजवादी पार्टी की सरकार में कुछ नहीं हो सका। विरोध में भारी संख्या में लोगों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। जिसपर पुलिस ने लाठीचार्ज चार्ज कर दिया। मामले की जानकारी होने पर तत्कालीन सांसद और वर्तमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने थानागद्दी में आयोजित एक जनसभा में मामले की निंदा की थी। यह पहली बार है जब अवैध कब्जे की शिकायत पर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। लेकिन शिकायत है कि मुकदमा दर्ज होने के एक सप्ताह बाद भी न तो उसकी और न ही उसके गुर्गों की गिरफ्तारी हुई। शिकायत यह भी है कि सभी आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। जिससे स्थानीय पुलिस की निष्ठा पर सवाल उठने लगे हैं। हलांकि इस संदर्भ में कोतवाल रामजनम यादव ने बताया कि अभियुक्तों की गिरफ्तारी अभी नहीं हुई है। लेकिन जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।


