जौनपुर। मोहम्मद हसन पीजी कॉलेज के राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के स्वयंसेवक एवं स्वयंसेविकाओं द्वारा आज स्वर कोकिला, भारत रत्न लता मंगेशकर की जयंती के अवसर पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महाविद्यालय के संरक्षण में नव निर्मित लता मंगेशकर तिराहा पर भव्यता एवं श्रद्धा के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में सभी स्वयंसेवकों ने लता मंगेशकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर अपनी गहन श्रद्धा व्यक्त की। इस दौरान उनके अनुपम स्वर, संगीत साधना तथा भारतीय कला-संस्कृति के संवर्धन में उनके अद्वितीय योगदान को स्मरण किया गया। वक्ताओं ने कहा कि लता मंगेशकर केवल स्वर साम्राज्ञी ही नहीं थीं, बल्कि वे भारतीय संस्कृति की जीवंत पहचान और करोड़ों हृदयों की धड़कन थीं। उनके अमर गीत पीढ़ियों तक प्रेरणा स्रोत बने रहेंगे। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.अब्दुल कादिर ने डिजिटल माध्यम से जुड़कर अपने संदेश में कहा कि लता मंगेशकर ने अपनी साधना और सुरों की साधुता से भारतीय संगीत को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठा दिलाई। उनका जीवन त्याग, अनुशासन और समर्पण का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे भी अपने-अपने क्षेत्र में निष्ठा, परिश्रम और उत्कृष्टता को आदर्श बनाकर आगे बढ़ें। इस अवसर पर एनएसएस स्वयंसेवकों ने संकल्प लिया कि वे लता मंगेशकर के जीवन मूल्यों से प्रेरणा लेकर समाज सेवा, सांस्कृतिक संरक्षण और राष्ट्रीय एकता के लिए सतत प्रयासरत रहेंगे। प्राचार्य ने स्वयंसेवकों की इस पहल को सराहनीय एवं अनुकरणीय बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में संवेदनशीलता, सेवा-भाव और सांस्कृतिक चेतना का संचार करते हैं। कार्यक्रम में डॉ.जीवन यादव, डॉ.नीलेश सिंह, डॉ.ममता सिंह, डॉ.अमित जायसवाल, डॉ.अभिषेक श्रीवास्तव, अहमद अब्बास खान, राजन पाण्डेय, अंशुमान, सुजीत अल्तमश, अनुज, गुड्डू सहित बड़ी संख्या में शिक्षकगण एवं स्वयंसेवक उपस्थित रहें।
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भारतीय संस्कृति की जीवंत पहचान थी स्व.लता मंगेशकर



