- देर शाम अमारी रौजा ए रसूल पर किया गया ठंडा
जौनपुर धारा, जौनपुर। बक्शा विकास खण्ड के सदरुद्दीनपुर रन्नो गांव में रविवार को अहले हरम मदीने की याद में बशारती जुलूसे अमारी का आयोजन किया गया। ऐतिहासिक अमारी में सुल्तानपुर, अंबेडकरनगर, आजमगढ़, प्रयागराज, वाराणसी, शाहगंज एवं जनपद के दूरदराज से आयी अंजुमनों ने शिरकत किया। आयोजित मजलिस में मौजूद लोगो ने नौहखानी व सीनाजनी की। सुबह नासिरिया अरबी कालेज के प्रिंसिपल मौलाना महफूजुल हसन ने मजलिस पढ़ी। तत्पश्चात अलम दुलदुल व अमारी का जुलूस निकाला गया। मौलाना आबिद रजा जैदी दिल्ली ने हजरत इमाम हुसैन की शहादत को बयां किया। उन्होंने इमाम हुसैन एवं 72 साथियों के अलावा इमाम हुसैन की बेटी सकीना पर हुए जुल्म की दास्तां सुनाई तो मौजूद सैकर्ड़ं महिलाओं पुरुषों की आंखे नम हो गयी। जुलूस सुबह 8 बजे निकला तथा भ्रमण पश्चात शाम सात बजे गांव स्थित रौजा ए रसूल पर ठंडा किया गया। दस मोहर्रम सन 61 हिजरी को इमाम हुसैन ने अपने 72 साथियों के साथ शहादत व उनके परिवार के सदस्यों को यजीद द्वारा शाम को कैदखाने में कैद कर दिया था। जब कैद से रिहाई मिली तो परिवार के लोगो ने कर्बला जाकर शहीदों के लाशों को दफन कर अपने मदीने लौटे। उसी की याद में अहले हरम की मदीने वापसी के पहले जुलूस ए अमारी का आयोजन किया गया। जुलूस के दौरान 18 अलम तथा सकीना का ताबूत बरामद किया गया। कर्बला में छ: माह के अबोध बच्चे को पानी न पिलाना व सकीना के साथ हुए जुल्म की दास्तां सुन लोगों की आंखे नम हो गयी। संचालन मौलाना शाने आलम रन्नवी एवं आये हुए लोगों के प्रति आभार शेख साहबे आलम व निगरानी कर रहे बदर अहमद व मौलाना शाने आलम ने किया। इस दौरान कमेटी के खादिम अब्बास, शकील अब्बास, बाबर अली, जाने आलम, माहताब हुसैन, जकी अहमद सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे। सुरक्षा की दृष्टि से बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद रहे।



