जौनपुर धारा, खुटहन। पटैला गांव में गत बुधवार की भोर मुस्लिम बिरादरी के पांच घरों में की गई तोड़ के मामले को भले ही पुलिस सिरे से खारिज कर रही हो लेकिन घटना का शीशी टीवी फुटेज खुद पुलिस के तांडव की गवाही दे रहा है। जिसमें पुलिस के कई जवान कमर में पिस्टल लगाए भागते हुए घर में घुसते स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। जो इलेक्ट्रानिक मीडिया पर खूब प्रसारित हो रहा है। गांव निवासी व जिला पंचायत सदस्य अकीला बानो का आरोप था कि पुलिस द्वारा मुस्लिम बिरादरी के युवकों को आये दिन हिरासत में लेकर फर्जी मुठभेड़ दिखाकर उनके पैरों में गोली मारी जा रही है। जिससे बस्ती के लोग पहले से ही पुलिस से खौफजदा हैं। पुलिस के भय से अधिकांश लोग घर छोड़ कर दूर चले गए हैं। इसके बाद भी बुधवार की भोर में चार दर्जन से अधिक की संख्या में पहुंचे पुलिस के जवानों ने उसके घर के अलावा पड़ोसी ओलमा कौंसिल के प्रदेश उपाध्यक्ष शहाबुद्दीन, शाह मोहम्मद, कलामुद्दीन और अमजद के घरों में जमकर तोड़फोड़ फोड़ किया। आरोप लगाया कि सभी घरों में रखे गए लगभग तीस लाख के गहने भी पुलिस उठा ले गई। तोड़-फोड़ में भी पच्चीस लाख से अधिक के गृहस्थी का सामान को क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। वहीं थाना प्रभारी अरविन्द सिंह ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि पुलिस बस्ती में गयी ही नहीं है। वे आपसी आपसी विवाद में भिड़ कर तोड़ फोड़ किए है।
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