जौनपुर धारा, जौनपुर। पितृ पक्ष का शनिवार को समापन हो गया। लोगों ने नदी और जलाशयों के किनारे पहुंचकर पिडदान व तर्पण कर पितरों को विदाई दी। ब्राह्मणों को भोजन कराया तथा उन्हें सामर्थ्य के अनुसार दान-दक्षिणा भी दिया। पितृपक्ष का नाम लेते ही हमारे मन में आस्था और श्रद्धा अपने आप ही प्रकट हो जाती है। पितृ अर्थात हमारे पूर्वज, जो हमारे बीच में नहीं हैं, पितृपक्ष उनके प्रति सम्मान का समय होता है। जौनपुर नगर के गोमती तट के हनुमान घाट सहित प्रमुख घाटों पर सुबह से ही लोग पहुंचने लगे। क्षौर कर्म के बाद भींगे कपड़े में धार्मिक और पारंपरिक अनुष्ठान संपन्न कराकर पितरों से आशीर्वाद लेते हुए उन्हें विदाई दी। इसके बाद घरों में विविध व्यंजन गो-माता और कौओं को भी खिलाया व ग्रास रखा। हिंदू धर्म पुनर्जन्म की अवधारणा में विश्वास रखता है और इसलिए ऐसी मान्यता है कि पितृपक्ष के दौरान हमारे पितृ अर्थात हमारे पूर्वज जो अपनी देह त्याग चुके होते हैं, पृथ्वी लोक पर अपने सगे-संबंधी और परिवार के लोगों से अपनी मुक्ति और भोजन लेने के लिए मिलने आते हैं।
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Jaunpur Dhara 22-04-2026
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पिण्डदान व तर्पण कर पितरों को दी गई विदाई

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