- चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके कार्यों को किया याद
जौनपुर धारा, पराऊगंज। राष्ट्रीय आंदोलन के पुरोधा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कुटीर संस्थान के संस्थापक पंडित अभयजीत दुबे की 117वीं जन्म जयंती संस्थान के छात्र छात्राओं तथा शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों द्वारा बड़े धूमधाम से संस्थापक स्मृति सभागार में मंगलवार को मनाई गई। उपस्थित जनों ने संस्थापक के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर इंटर कॉलेज के छात्राओं ने रघुपति राघव राजा राम गीत का सामूहिक गायन कर उपस्थित जनों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व प्राचार्य प्रोफेसर रमेश मणि त्रिपाठी ने संस्थापक के साथ अपनी स्मृति को साझा करते हुए कहा कि संस्थापक के कार्यों की परिकल्पना आज हम सभी के बीच प्रासंगिक बनी हुई है इनके विचारों पर चलकर हर वर्ग के लोग अपना जीवन बिता सकते है और राष्ट्र धर्म का निर्वहन कर सकते है। संस्थान के प्रबंधक डॉ. अजयेन्द्र कुमार दुबे ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि छात्र केवल शिखर की चोटी को न देखें बल्कि शिखर के चोटी तक पहुंचने का मार्ग खोजें शिक्षा को रेखांकित करते हुए कहा कि बस इसी में सार है बाकी सब बेकार है। संस्थापक की परिकल्पना रही है कि छात्र अच्छी शिक्षा ग्रहण कर अपना भविष्य उज्जवल बना सकता है। प्राचार्य प्रोफेसर राघवेंद्र कुमार पांडे ने आए हुए अतिथियों के प्रति आभार ज्ञापित किया। प्रधानाध्यापक धर्मेंद्र कुमार दुबे ने संस्थापक के साथ बिताए हुए अपनी स्मृति को साझा किया। इस अवसर पर पूर्व प्रधानाध्यापक चंद्र देव मिश्र, डॉ. विजय मौर्य, कुंवर भारत सिंह, शिवानंद शुक्ला, डॉ. अमरेश कुमार, लेफ्टिनेंट डॉ. चित्रसेन गुप्त, डॉ. विनय कुमार पाठक, पूनम सिंह, ग्रंथाध्यक्ष विद्या निवास मिश्र, आइक्यूएसी संयोजक वाचस्पति त्रिपाठी, आशुतोष दुबे, लालमणि भारती, रत्नाकर पाठक, नरेंद्र कुमार पांडे, शीला अनुश्री, कृष्ण प्रताप दुबे, कृष्ण चंद्र पांडे, प्रशांत दुबे, कृष्ण कुमार मिश्र समेत क्षेत्र के संभ्रांत लोग उपस्थित रहे।


