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छूआछूत के खिलाफ आवाज बुलंद करने वाले स्तंभ थे बाबा साहेब : अशोक चौरसिया

जौनपुर धारा, जौनपुर। भारतीय जनता पार्टी जौनपुर में सीहीपुर स्थित कार्यालय पर जिलाध्यक्ष पुष्पराज सिंह के अध्यक्षता में डॉ.भीमराव आम्बेडकर निर्वाण दिवस पर एक संगोष्ठी सम्पन्न हुई। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में जिला प्रभारी एवं क्षेत्रीय महामंत्री अशोक चौरसिया एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में नगरपालिका चेयरमैन प्रतिनिधि डॉ.रामसूरत मौर्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर माल्यार्पण कर की गई। तत्पश्चात सभी कार्यकर्ताओं के द्वारा बंदे मातरम का गीत गाया गया। उसके पश्चात मुख्य अतिथि का जिलाध्यक्ष पुष्पराज सिंह ने पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया।

इसके पहले नगर अध्यक्ष अमित श्रीवास्तव के अध्यक्षता में सुबह 9 बजे डॉ.भीमराव अंबेडकर के जयन्ती पर अंबेडकर तिराहा स्थित अम्बेडकर की मूर्ति पर माल्यार्पण कर उनको याद किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में राज्यमंत्री गिरीश चन्द्र यादव एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में जिलाध्यक्ष उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि जिला प्रभारी एवं क्षेत्रीय महामंत्री अशोक चौरसिया ने बताया कि आज 06दिसंबर को डॉ.भीमराव रामजी अंबेडकर की पुण्यतिथी है, उनकी याद में निर्वाण दिवस मनाया जाता है। समाज में व्याप्त छूआछूत, दलितों, महिलाओं और मजदूरों से भेदभाव जैसी कुरीति के खिलाफ आवाज बुलंद करने वाले बाबा साहेब को भारतीय संविधान का आधार स्तंभ माना जाता है। आज़ादी के बाद भारतीय संविधान का मसौदा तैयार करने वाली समिति के सात सदस्यों में से एक थे भारत रत्न भीमराव अंबेडकर की पुण्यतिथी पर हम उनके प्रेरणादायक विचारों को याद कर रहे हैं, जो आज भी युवाओं में नई ऊर्जा भरने का काम करते हैं। डॉ.बीआर अम्बेडकर विदेश जाकर अर्थशास्त्र डॉक्टरेट की डिग्री हासिल करने वाले बाबा साहेब पहले भारतीय थे।जब वह 1926 में भारत आए तब उन्हें मुंबई की विधानसभा का सदस्य चुना गया। वह आजाद देश के पहले कानून मंत्री बने साल 1990 में उन्हें भारत के सर्वोच्च सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया था। 06 दिसंबर 1956 को डायबिटिज से पीड़ित होने के कारण उनकी मृत्यु हो गई। विशिष्ट अतिथि डॉ.रामसूरत मौर्य ने कहा कि गरीब और दलित वर्ग की स्थिति में सुधार लाने में डॉक्टर बाबा साहेब अम्बेडकर का अहम योगदान रहा है। उन्होंने समाज से छूआछूत समेत कई प्रथाओं को खत्म करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। बौद्ध धर्म के अनुयायियों का मानना है कि उनके बुद्ध गुरु भी डॉ.अम्बेडकर की तरह ही सदाचारी थे बौद्ध अनुयायियों के अनुसार डॉ.अम्बेडकर भी अपने कार्यों से निर्वाण प्राप्त कर चुके हैं। इसलिए उनके पुण्यतिथि को महापरिनिर्वाण दिवस के रूप में मनाया जाता है। जिलाध्यक्ष पुष्पराज सिंह ने कहा कि भारतीय संविधान के जनक कहे जाने वाले डॉ.भीमराव अम्बेडकर एक बड़े समाज सुधारक और विद्वान थे। उन्हें अपने कार्यों और विद्वता के लिए जाना जाता है। डॉ.अंबेडकर ने हमेशा ही दलितों की स्थिति में सुधार लाने के लिए काम किया। छुआछूत जैसी कुप्रथा को खत्म करने में भी उनकी बड़ी भूमिका मानी जाती है। उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और गरीबों और महिलाओं दोनों के लिए अधिक समानता और अधिकारों के प्रचार के माध्यम से भारतीय संविधान और भारतीय समाज के सुधार के प्रारूपण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री सुनील तिवारी ने की। उक्त अवसर पर जिला महामंत्री सुशील मिश्रा, पीयूष गुप्ता, जिला उपाध्यक्ष सुधाकर उपाध्याय, संतोष सिंह, जिला मंत्री प्रमोद यादव, पूर्व जिला महामंत्री विपिन द्विवेदी, ओमप्रकाश सिंह, आमोद सिंह, रोहन सिंह, सिद्धार्थ राय, पवन पाल, अम्बरीशधर द्विवेदी, नरेन्द्र उपाध्याय, रागिनी सिंह, अनिल गुप्ता, दिव्यांशु सिंह, जितेंद्र सिंह, प्रबुद्व दुबे, इन्द्र्सेन सिंह, घनश्याम यादव सहित आदि लोग उपस्थित रहे।

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