गाजियाबाद. गाजियाबाद में कुत्तों के हमले थमने का नाम नहीं ले रहे. नगर निगम द्वारा लगातार टीकाकरण के महा अभियान चलाए गए पर वो फेल साबित हुए. नगर निगम की तरफ से पिछले 6 महीने में 3 हजार लावारिस कुत्तों की नसबंदी कराई गई और 11 सोसायटियों में नसबंदी कराने का विशेष अभियान चलाया गया, लेकिन फिर भी जिला एमएमजी अस्पताल में रोजाना सैकड़ों मरीज रेबीज इंजेक्शन के टीकाकरण के लिए पहुंच रहे हैं. इन मरीजों में बुजुर्ग, बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं. जिला एमएमजी अस्पताल में अपने बेटे कैफ का टीकाकरण कराने आई शबीना ने कहा कि बच्चों को बाहर खेलने भेजने में भी डर लगता है. मेरा बेटा अपने दोस्तों के साथ खेल रहा था, तब एक आवारा कुत्ते ने इस पर हमला कर दिया.
एमएमजी अस्पताल के टीकाकरण करने वाले स्टाफ नरेंद्र कुमार ने हमें बताया कि रोजाना सैकड़ों मरीज कुत्तों द्वारा काटने के बाद अस्पताल टीके के लिए पहुंच रहे हैं. इनमें से कुछ केस मंकी बाइट और कैट बाइट से भी जुड़े हुए हैं. फिलहाल मरीजों की संख्या में 30% बच्चे होते हैं. अस्पताल में एंटी रेबीज इंजेक्शन के अलावा ओपीडी के भी सभी इंजेक्शन लगाए जाते हैं. उप मुख्य पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. अनुज कुमार सिंह ने बताया कि लावारिस कुत्तों की नसबंदी के लिए युद्धस्तर पर काम चल रहा है. सोसाइटी में प्रमुख रूप से कुत्तों की नसबंदी पर ध्यान दिया जा रहा है, जिसमें राज नगर एक्सटेंशन की केडीपीसोसायटी, शिप्रा सनसिटी, आम्रपाली, शालीमार गार्डन, क्रॉसिंग रिपब्लिक G7 सोसायटी, वैशाली सेक्टर 9, वैशाली क्लाउड 9 सोसायटी, इंदिरापुरम आदि में नसबंदी कराई जा रही है.
कुत्तों के काटने पर करें ये काम
• कुत्तों के काटने के बाद सबसे ज्यादा खतरा संक्रमण का बना रहता है. इसलिए सबसे पहले अपने घाव को अच्छे से धो लें. जिसमें आप हल्के गुनगुना पानी और साबुन का प्रयोग कर सकते हैं.
• किसी साफ कपड़े की मदद से बहते खून को कम करने की कोशिश करें. यदि आपके पास over-the-counter एंटीबायोटिक क्रीम है तो उसको लगाएं.
• प्राथमिक घरेलू उपाय के बाद तुरंत डॉक्टर से खुद को दिखाएं. डॉक्टर की सलाह पश्चात ही रेबीज इंजेक्शन लगाएं. कुत्तों के काटने के बाद लालिमा, सूजन, दर्द और बुखार पर जरूर ध्यान दें और डॉक्टर से सलाह लें.



