जौनपुर धारा, वाराणसी। काशी की नगरी में रंगभरी एकादशी के साथ होली की शुरुआत हो गई है। शहर की सड़कें रंगों, अबीर-गुलाल से सराबोर हो गई हैं। गंगा घाटों पर लोकगीतों की तान गूंथने लगी हैं। साथ ही कलाकारों की महफिल जमने लगी है। इस लोक परंपरा के निर्वहन के साथ, वाराणसी के लोग होली के मौके पर गंगा घाट के किनारे जमकर होली का उत्सव मना रहे हैं। रंग-भंग, ठंडाई के साथ गाने के साथ होली की खुशियां मनाई जा रही हैं। ढोलक- मंजीरे के साथ होली के गीत- गाते लोग झूमते नजर आ रहे हैं। बनारस के लोगों के अलावा, विदेशी भी रंगों में सराबोर नजर आ रहे हैं। वहीं बुधवार को गायक अमलेश शुक्ला, केडी और उनकी टीम ने होली के पारंपरिक गीत को गाया। गायकों ने अपने अंदाज में होली के मूड में राजनीतिक तंज भी कसे। इस दौरान आसपास के लोगों ने भी होली के इस माहौल का खूब आनंद लिया। इस होली के मौके पर बनारस की सड़कें रंगों से भर गई हैं। लोग होली की खुशियां मना रहे हैं। यह ऐसा मौका है जब लोग अपने मतभेदों को भूलकर एक साथ आते हैं और होली की खुशियां मनाते हैं।
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जंतर-मंतर की घटना की निष्पक्ष जांच की मांग, राष्ट्रपति और मानवाधिकार आयोग को भेजा ज्ञापन
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान कथित हिंसा और मानवाधिकार उल्लंघन की घटना को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। संगठन ने राष्ट्रपति, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन भेजकर घायलों को न्याय और सहायता दिलाने की मांग की।
काशी में होली की धूम, रंग के साथ लोगों ने उठाया संगीत और ठंडाई लुफ्त


