जौनपुर। कोडिनयुक्त कफ सीरप की अवैध तस्करी में जनपद के चार और दवा व्यवसायी शामिल हैं। गुरुवार को फर्मों की दिनभर जांच हुई। जांच में पता चला कि इन फर्मों ने 99.60लाख रुपये कीमत की 15हजार बाटल कोडिनयुक्त कफ सीरप की खरीद की। आरोपितों पर जल्द ही मुकदमा पंजीकृत होगा।
इस मामले में तस्करी का मुख्य सरगना व मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल, उनके पिता भोलानाथ जायसवाल समेत 14 लोगों के विरुद्ध पहले ही मुकदमा दर्ज हो चुका है। कफ सीरप की तस्करी का चर्चित मास्टर माइंड शुभम जायसवाल के पिता भोला जायसवाल के नाम पर झारखंड के रांची में शैली ट्रेडर्स फर्म है। इस फर्म से जनपद के चार और थोक दवा व्यवसायियों को 99 लाख 60 हजार रुपये कीमत की 14 हजार शीशी कोडिनयुक्त कफ सीरप फेंसेडिल की बिक्री की गई है। इन फर्मों के नाम बिल तो काटा गया लेकिन सीरप को जौनपुर न भेजकर बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, बांग्लादेश सहित कई राज्यों में तस्करी की गई। मामले की जांच के लिए जनपद में गठित एसआइटी टीम के मुखिया सहायक पुलिस अधीक्षक/सीओ सिटी गोल्डी गुप्ता के नेतृत्व में टीम ने दिनभर फर्मों की छानबीन की। कोडिनयुक्त कफ सीरप की तस्करी के मामले में सारे रिकार्ड संबंधित थानों को सौंप दिए गए हैं। पुलिस चालान व बिल्टी के रिकार्ड से संबंधित ट्रांसपोर्टरों से पूछताछ होगी। इसमें से 14 के खिलाफ मुकदमा भी हो चुका है। इस कार्रवाई के बाद इसमें संलिप्त लोग ही नहीं बल्कि दवा कारोबारियों में भी हलचल है। हालांकि इसके पहले जौनपुर में टाटा पर इस तरह का सीरप से जुड़ा कोई पहले का कहीं मामला दर्ज नहीं है। पुलिस का मानना है कि टाटा से कुछ निकला तो पूरे नेटवर्क का राजफाश हो सकता है। बहरहाल, आरोपों में कितनी सच्चाई है यह पड़ताल का विषय है। इस बार में कुछ कहना अभी जल्दबाजी होगी।
तस्करी से जुड़े लोगों के उड़े होश
कफ सीरप की तस्करी मामले में सुरेरी थाने के सीठूपुर निवासी अमित सिंह टाटा को गिरफ्त में लिए जाने के बाद तस्करी से जुड़े लोगों के होश फाख्ता हो गए हैं। उन्हें रैकेट से जुड़ा मानकर पुलिस गहराई से जांच में जुटी है। पुलिस प्रशासन का दावा है कि सीरप के काले धंधे की जड़ें गहरी हैं। अब तक कफ सीरप के कारोबार में जिले में करीब 20 लोगों की संलिप्तता सामने आ चुकी है।


