जौनपुर। ईरान के सर्वोच्च नेता अली ख़ामेनई के शहादत की खबर फैलते ही नगर में मुस्लिम समाज के बीच गहरा शोक और आक्रोश देखा गया। शहर के विभिन्न इलाकों से बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और अमेरिका व इज़राइल के खिलाफ नारेबाज़ी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। ईरान के सुप्रीम लीडर अली ख़ामेनई के निधन की खबर के बाद जौनपुर में शिया समुदाय के लोगों ने कल्लू के इमामबाड़े में एकत्र होकर अमेरिका और इजराइल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में पुरुषों के साथ महिलाओं की भी उपस्थिति रही और लोगों में गहरा आक्रोश देखा गया। वहीं शहर स्थित सदर इमामबाड़ा में धर्मगुरु मौलाना सफदर हुसैन ज़ैदी की अगुवाई में प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर घटना की निंदा की और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। पूरे क्षेत्र में माहौल शोकपूर्ण होने के साथ-साथ आक्रोशपूर्ण भी नजर आया। अपने संबोधन में मौलाना सफदर हुसैन ज़ैदी ने कहा कि रहबर की शहादत केवल ईरान ही नहीं, बल्कि पूरी उम्मत के लिए बड़ी क्षति है। उन्होंने विश्व शक्तियों से न्यायपूर्ण रुख अपनाने की अपील की और कहा कि यदि जुल्म का समर्थन किया जाएगा तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मुस्लिम समाज सब्र और शांति के साथ अपना विरोध दर्ज करा रहा है तथा किसी भी अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाता रहेगा। प्रदर्शन को देखते हुए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाज़ी करते हुए घटना की कड़ी निंदा की और अमन-पसंद लोगों से एकजुट होने की अपील की। शिया धर्मगुरु मौलाना मोहम्मद रज़ा ने कहा कि इस घटना से विश्व स्तर पर गंभीर संदेश गया है और समुदाय इसे अन्यायपूर्ण कृत्य मानता है। प्रदर्शन के दौरान क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही और प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की।
― Advertisement ―
जौनपुर में जन्माष्टमी का उत्सव, मंदिरों से पुलिस लाइन और जिला जेल तक विशेष आयोजन
जौनपुर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर जिलेभर में उत्साह रहा। मंदिरों, पुलिस लाइन और जिला जेल में विशेष आयोजन हुए, जबकि बाजारों में लड्डू गोपाल की पोशाक और श्रृंगार सामग्री की मांग बढ़ी।
इमाम खामेनई की शहादत की खबर पर प्रदर्शन, प्रशासन सतर्क


