- सामाजिक जागरूकता और स्वच्छता को मिला बढ़ावा
जौनपुर धारा,सोनभद्र। भारत के स्विट्जरलैंड कहे जाने वाले सोनभद्र में सामाजिक जागरूकता और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए एक अनूठा अभियान शुरू किया गया। जिला प्रशासन द्वारा ‘प्लास्टिक मुक्त सोनभद्र मुहिम के तहत पर्यटन स्थलों को स्वच्छ और प्लास्टिक मुक्त करने की बड़ी पहल है। इसकी शुरुआत पर्यटक स्थल आबाड़ी से किया जहां पर स्वच्छता अभियान चलाकर 200किलो प्लास्टिक कचरा इक_ा किया गया। यह अभियान न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक कदम है, बल्कि सामाजिक सहभागिता को बढ़ाकर स्वच्छ भारत के सपने को साकार करने का प्रयास भी है।
चार टीमें, एक मिशन, स्वच्छता और जागरूकता
सीडीओ जागृति अवस्थी के नेतृत्व में आबाड़ी को प्लास्टिक और कचरा मुक्त करने के लिए क्षेत्र को चार हिस्सों में बांटा गया। सीडीओ ने एक हिस्से की जिम्मेदारी स्वयं संभाली, जबकि अन्य हिस्सों का नेतृत्व जिला विकास अधिकारी हेमंत सिंह, डीसी मनरेगा रविंद्र वीर और जिला पंचायत अधिकारी नमिता शरण ने किया। इन टीमों में ग्रामीण, स्कूली बच्चे और कर्मचारी शामिल थे, जिन्होंने एकजुट होकर पिकनिक स्पॉट पर फैले प्लास्टिक और कचरे को इक_ा किया। सीडीओ व जिला पंचायत अधिकारी ने स्वयं ही पुरे पिकनिक स्पॉट और पानी में फैले बोतल,प्लास्टिक,प्लेट आदि कचरों को इक_ा किया।
स्वच्छता हमारी साझा जिम्मेदारी
सीडीओ जागृति अवस्थी ने बच्चों और ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा, आबाड़ी प्रकृति का अनमोल उपहार है। इसे साफ और सुंदर रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। पर्यटक जब यहां आते हैं, तो हमें सुनिश्चित करना होगा कि वे स्वच्छ पर्यावरण का आनंद लें और अपने कचरे को कूड़ेदान में डालें।” उन्होंने स्वच्छता को सामाजिक दायित्व बताते हुए सभी से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
चरणबद्ध स्वच्छता और रिसाइक्लिंग की योजना
सीडीओ ने बताया कि जिले के सभी पर्यटन और सार्वजनिक स्थलों को चरणबद्ध तरीके से प्लास्टिक मुक्त किया जाएगा। ग्राम पंचायतों में बने रिसाइक्लिंग रिसोर्स सेंटर के जरिए कचरे का निस्तारण होगा। यह पहल स्वच्छ भारत मिशन के तहत पर्यावरण संरक्षण और रिसाइक्लिंग को बढ़ावा देने का एक ठोस कदम है। कई ग्राम पंचायतें पहले से ही अपने गांवों को साफ करने और लोगों को जागरूक करने में जुटी हैं, जो सामाजिक जागरूकता का प्रतीक है।वहीं सीडीओ ने ग्रामीणों की कई समस्याओं को सुना भी तथा उनके समाधान का आश्वासन भी दिया तथा बच्चों को स्कूल भेजने के लिए जागरूक भी किया।
सोशल मीडिया के जरिए जागरूकता की लहर
इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया को एक सशक्त माध्यम बनाया गया है। सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर प्रतीक्षा जायसवाल और विजय कुमार को उनके योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। सीडीओ ने सभी इनफ्लुएंसर्स से अपील की कि वे इस स्वच्छता अभियान को सोशल मीडिया के जरिए प्रचारित करें और लोगों को प्रेरित करें कि वे घरों में बोरी रखकर प्लास्टिक कचरा इक_ा करें। ग्राम पंचायतों और कर्मियों की भूमिका कोटा के ग्राम प्रधान प्रहलाद चेरो, दो सफाई कर्मियों और सचिव को उनके योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। सीडीओ ने सभी ग्राम प्रधानों से अपने गांवों में इस तरह के अभियान चलाने का आह्वान किया। इस मौके पर जिला विकास अधिकारी हेमंत सिंह, डीसी मनरेगा रविंद्र वीर, डीपीआरओ नमिता शरण, खंड विकास अधिकारी शुभम बरनवाल, डीसी स्वच्छ भारत मिशन अनिल केशरी, सहायक विकास अधिकारी पंचायत काशी राम ठाकुर, चोपन के पंचायत सचिव दीपक पांडे, अकांक्षा जायसवाल, शिवकुमार कुशवाहा, अभिषेक सिंह, अरुण सिंह, एडीओ दुद्धी आशुतोष श्रीवास्तव, एडीओ घोरावल रामचरण प्रसाद, कर्मचारी, ग्रामीण और प्राथमिक स्कूल के बच्चे शामिल रहे।


