जौनपुर। एक सौ बाइस दिवसीय जनजागरण यात्रा के दौरान पंकज महाराज ने शीतला मन्दिर के बगल मैदान में यात्रा का सरसठवें पड़ाव पर आयोजित सत्संग सभा में रामचरित मानस की चौपाई ‘संत महीं विचरत केहि हेतू। जड़ जीवन कह करत सचेतू।Ó को उद्धृत करते हुये कहा सन्त महात्मा बहुत दयालु होते हैं। जिस प्रकार विद्यार्थी विद्याध्यन के लिये विद्यालय जाते हैं। उसी प्रकार सन्तों महात्माओं का सत्संग आध्यात्मिक पाठशाला है। वह समझाते हैं कि गृहस्थ आश्रम में रहकर अपना काम मेहनत ईमानदारी से करें, परिवार का पालन-पोषण करें तथा थोड़ा सा समय निकाल कर भगवान का भजन भी करें। सभी मानव धर्म व मानव कर्म को अपनायें। एक-दूसरे की नि:स्वार्थ भाव से सेवा करें। सत्य, दया, अहिंसा, दया, करुणा आदि गुणों को अपनाकर मानव जीवन सफल बनायें।
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Jaunpur Dhara 22-04-2026
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आध्यात्मिक पाठशाला है सन्तों का सत्संग



