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आत्मा गवर्निंग बोर्ड की बैठक में 527.11 लाख की कृषि कार्ययोजना मंजूर

विकास भवन में आयोजित आत्मा योजना की बैठक में 527.11 लाख रुपये की कृषि कार्ययोजना स्वीकृत की गई। किसानों के प्रशिक्षण, कृषि नवाचार और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर विशेष चर्चा हुई।
Homeअंतर्राष्ट्रीयशाहबाज शरीफ को इतनी टेंशन दूंगा कि नींद की गोलियां खानी पड़ेंगी

शाहबाज शरीफ को इतनी टेंशन दूंगा कि नींद की गोलियां खानी पड़ेंगी

पाकिस्तान (Pakistan) में हम न्यूज के शो ‘हम मेहर बुखारी के साथ’ कार्यक्रम में जब पूर्व पीएम इमरान खान से पूछा गया कि क्या मौजूदा प्रधान मंत्री को नेशनल असेंबली से विश्वास मत प्राप्त करने के लिए कहा जा सकता है, तो इमरान ने कहा “बिल्कुल, हम उनका फ्लोर टेस्ट करेंगे.” इमरान ने कहा कि शहबाज शरीफ ने पीटीआई का परीक्षण किया था, इसलिए अब पार्टी प्रधानमंत्री पर पलटवार करेगी. इससे पहले भी उन्होंने कहा कि वो पीएम शहबाज शरीफ के सामने बहुत तरह की चुनौतियां पेश करेंगे, जिससे टेंशन में आकर उन्हें नींद की गोलियां खानी पड़ा जाएंगी.

उन्होंने कहा कि रविवार (15 जनवरी) को पार्टी की एक बैठक में इस कदम का ब्योरा देगी और न केवल फ्लोर टेस्ट के लिए पूरी योजना तैयार करेगी, बल्कि उन्हें अब टेस्ट की स्थिति में पूरी तरह से लागू करने की अन्य योजनाएं” भी तैयार करेंगी. इस चीज को भी शामिल करना उचित है कि सत्तारूढ़ गठबंधन के प्रमुख सहयोगी एमक्यूएम-पी (MQM-P) ने हाल के दिनों में संकेत दिया है कि वह अधूरे वादों के कारण संघीय सरकार छोड़ सकता है.

पार्टी ने अपना अल्टीमेटम दे दिया है

एमक्यूएम-पी के सूत्रों ने पहले कहा था कि पार्टी ने अपना अल्टीमेटम दे दिया है और वह शनिवार (14 जनवरी) को होने वाले कार्यकर्ताओं के सम्मेलन में अपने फैसले की घोषणा करेगी. इस बीच, राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने बोल न्यूज के कार्यक्रम ‘बस बहुत होगा’ के इंटरव्यू में कहा कि अगर पीएम शहबाज शरीफ से विश्वास मत लेने के लिए कहा जाता है तो वह संविधान का पालन करेंगे. पाक राष्ट्रपति अल्वी ने कहा कि संविधान में स्पष्ट रूप से ऐसी स्थितियों में आगे का रास्ता बताया गया है.

पाकिस्तानी राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने कहा

पाकिस्तानी राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने कहा, “यह अटकलें हैं कि वे (पीटीआई) मुझे पीएम शहबाज से फ्लोर टेस्ट लेने के लिए कहेंगे और मैं इसे करूंगा.” संविधान जो कहता है वही आगे का रास्ता होगा.” उन्होंने कहा कि अगर राष्ट्रपति को लगता है कि विधायिका को सरकार पर भरोसा नहीं है, तो वह विश्वास मत मांग सकते हैं.