सिकरारा। क्षेत्र के समाधगंज बाजार के सैकड़ों ग्रामीणों ने सोमवार को पावर हाउस सिकरारा पहुंचकर बिजली विभाग के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि 8 जुलाई को जला हुआ ट्रांसफार्मर आज तक नहीं बदला गया, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि वर्षों पुराना 100केवी ट्रांसफार्मर जरूरत के मुताबिक नाकाफी है, और उसे 250केवी में बदला जाना जरूरी है। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने बिजली विभाग मुर्दाबाद के नारे लगाए और जेई व एसडीओ के रवैये को लेकर गहरी नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जेई बेहद मनबढ़ और उपेक्षापूर्ण व्यवहार करता है। बातचीत करने की कोशिश पर वह ‘तू-तड़ाकÓ से जवाब देता है, और यदि कोई उपभोक्ता विरोध करता है तो उसके घर विजिलेंस की टीम भेजकर जबरन कार्रवाई करवा देता है। मौके पर पहुंचे मीडिया कर्मियों से भी जेई का रवैया असभ्य रहा। वहीं एसडीओ ने फोन पर कहा कि वे 10 मिनट में पहुंचेंगे, लेकिन वे मौके पर नहीं आए। पावर हाउस से जुड़े कई फीडर पर अनियमित रूप से बिजली दी जा रही है, जिससे इलाके के बाकी उपभोक्ता बुरी तरह प्रभावित हैं। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि बिजली विभाग के कर्मचारी अक्सर मुख्य गेट बंद कर पिछले रास्ते से भाग जाते हैं, ताकि जनता के सवालों का सामना न करना पड़े। कुछ दिन पहले सिकरारा थाने की भी बिजली 10-12 दिन तक कटी रही, जिससे पुलिसकर्मी भी परेशान रहे। ग्रामीणों का कहना है कि यह सब कुछ जेई और एसडीओ की मिलीभगत और भ्रष्टाचार का नतीजा है।
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पूरनपुर में अंडरपास निर्माण की मांग पर डीआरएम का निरीक्षण, ग्रामीणों को मिली नई उम्मीद
पूरनपुर गांव के सामने बंद किए गए रेलवे मार्ग पर अंडरपास निर्माण की मांग को लेकर डीआरएम वाराणसी ने निरीक्षण किया। ग्रामीणों को उम्मीद है कि स्वीकृति मिलने के बाद वर्षों पुरानी आवागमन समस्या का समाधान होगा।
बिजली विभाग की लापरवाही से आक्रोशित ग्रामीणों ने किया सिकरारा पावर हाउस पर प्रदर्शन


