जौनपुर धारा, जौनपुर। बदलापुर तहसील क्षेत्र के गोमती नदी के तटवर्ती गांवों के दर्जनों किसानों की सौ बीघे से अधिक धान की फसल जलमग्न हो गई है। गोमती नदी से निकला मोहारेबीर नाले में नदी का पानी आ गया। नदी का पानी इतना तेजी से बढ़ रहा है कि चौबीस घंटों के भीतर सैकड़ों बीघा फसल को अपनी आगोश में ले लिया। शाहपुर सानी, अहियापुर, गढ़ा गोपालापुर, बड़ेरी, सियरावासी, महमदपुर, गुलरा आदि गांवों के किसानों को चिंता सताने लगी है कि यदि बढ़ाव ऐसे ही रहा तो खून पसीने से कमाई गई फसलो को बचा पाना मुश्किल हो जायेगा। गांव के किसानो ने बताया कि वर्ष 2007 में आयी बाढ़ की विभीषका ने हम किसानों को दाने-दाने व रोने के लिए मजबूर कर दिया था। उस भयावह स्थिति की कल्पना मात्र से परेशान हैं। गांवों के किसान माने यादव, लायक यादव, मनोज सिंह, दिलीप सिंह, अनिल मास्टर, सूबेदार मिस्त्री, राम उजागिर सेठ, पप्पू यादव, लाला यादव, प्रमोद यादव, शिवनारायण आदि की लगभग पच्चीस बीघा धान की फसल जलमग्न हो गयी हैं।
- एसडीएम ने किया निरीक्षण
बदलापुर के एसडीएम अर्चना ओझा ने रविवार को अहियापुर व शाहपुरसानी में किसानों की जलमग्न हुई फसलों का निरीक्षण किया। उनके निरीक्षण के दौरान हल्का लेखपाल गजेंद्र सिंह रावत व भोला चौरसिया मौजूद थीं। एसडीएम ने मौके पर मौजूद किसानों से भी बात चीत किया। उन्होंने बताया कि अभी तक फसलों का कोई नुक़सान नही है। इसी प्रकार यदि पानी आगे बढ़ता रहा तब नुकसान होगा। एसडीएम ने कहा कि गांव वाले खुद व अपने जानवरो को पानी मे न ले जाए, वरना जान मान का खतरा हो सकता है। इस मौके पर ग्राम प्रधान चंद्रशेखर यादव, ग्राम रोजगार सेवक संदीप यादव’बंटी’, प्रमोद यादव, राधेश्याम, मनमोहन, सुंदर यादव आदि लोग मौजूद रहे।



