जौनपुर। वृद्धाश्रम में स्वास्थ्य परीक्षण शिविर के तहत मंगलवार को हरखपुर स्थित वृद्धाश्रम में विशेष स्वास्थ्य जांच कार्यक्रम आयोजित किया गया। विश्व उच्च रक्तचाप माह के अंतर्गत आयोजित इस शिविर में जिला पुरुष चिकित्सालय की गैर संचारी रोग इकाई की टीम ने वृद्धाश्रम में रह रहे 93 वृद्धजनों का स्वास्थ्य परीक्षण किया।
उच्च रक्तचाप को बताया मौन घातक बीमारी
कार्यक्रम के दौरान गैर संचारी रोग कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. अरुण कुमार यादव ने कहा कि समय-समय पर रक्तचाप की जांच कर उसे नियंत्रित रखना अच्छे स्वास्थ्य की कुंजी है। उन्होंने बताया कि उच्च रक्तचाप को मौन घातक बीमारी कहा जाता है, क्योंकि इसके लक्षण कई बार स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देते और यह धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंचाती रहती है।
उन्होंने कहा कि अनियंत्रित उच्च रक्तचाप हृदयाघात, मस्तिष्क आघात और अन्य गंभीर हृदय रोगों का कारण बन सकता है।
स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की अपील
डॉ. अरुण कुमार यादव ने बताया कि सिरदर्द, चक्कर आना, धुंधला दिखाई देना, नाक से रक्तस्राव, अत्यधिक थकान और सांस फूलना उच्च रक्तचाप के प्रमुख लक्षण हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए।
उन्होंने लोगों से नियमित स्वास्थ्य जांच कराने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की।
93 वृद्धजनों की हुई स्वास्थ्य जांच
जिला चिकित्सालय के चिकित्सक डॉ. के.के. पाण्डेय ने कहा कि उच्च रक्तचाप किसी भी आयु वर्ग के व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है, लेकिन बढ़ती उम्र के साथ इसका खतरा अधिक हो जाता है।
शिविर के दौरान 93 वृद्धजनों के रक्तचाप और रक्त शर्करा की जांच की गई। जांच के बाद चिकित्सकों ने उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श और उपचार संबंधी सुझाव भी दिए।
स्वास्थ्य जागरूकता अभियान जारी
चिकित्सकों ने कहा कि नियमित स्वास्थ्य परीक्षण से कई गंभीर बीमारियों का समय रहते पता लगाया जा सकता है। ऐसे शिविरों का उद्देश्य लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाना और समय पर उपचार उपलब्ध कराना है।
इस अवसर पर जयप्रकाश गुप्ता सहित गैर संचारी रोग प्रकोष्ठ के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


