जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह का तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर मंगलवार को विश्वविद्यालय अतिथि गृह में विदाई समारोह आयोजित किया गया। विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी और कर्मचारियों ने उन्हें भावभीनी विदाई देते हुए उनके कार्यकाल की सराहना की।
पठन-पाठन और शोध को दी प्राथमिकता
इस अवसर पर प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि पूर्वांचल की माटी में अपार संभावनाएं हैं। यहां के विद्यार्थी अपनी प्रतिभा के बल पर देश-विदेश में विश्वविद्यालय और पूर्वांचल का नाम रोशन करें, यही उनकी कामना है।
उन्होंने कहा कि अपने तीन वर्ष के कार्यकाल में पठन-पाठन और शोध गतिविधियों को प्राथमिकता के साथ बढ़ावा दिया गया। इसमें विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों का पूरा सहयोग मिला।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा उपलब्ध कराना विश्वविद्यालय की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल है।
विश्वविद्यालय के निरंतर प्रगति की जताई उम्मीद
प्रो. वंदना सिंह ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में भी पूर्वांचल विश्वविद्यालय निरंतर प्रगति करता रहेगा। उन्होंने कार्यकाल के दौरान मिले सहयोग के लिए विश्वविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों के प्रति आभार जताया।
स्मृति-चिह्न और अंगवस्त्र भेंट कर किया सम्मान
समारोह में शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. राहुल सिंह, महामंत्री डॉ. शैलेन्द्र सिंह, डॉ. विजय सिंह सहित अन्य पदाधिकारियों ने प्रो. वंदना सिंह को स्मृति-चिह्न और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया।
विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष वारीन्द्र सिंह यादव, महामंत्री राधेश्याम सिंह मुन्ना, उपाध्यक्ष सुशील प्रजापति, रमेश यादव, श्रीनाथ यादव समेत शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी उन्हें शुभकामनाएं दीं।
शिक्षक और अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर कुलसचिव विनोद कुमार सिंह, वित्त अधिकारी आत्म प्रकाश धर द्विवेदी, प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो. अविनाश, प्रो. अजय द्विवेदी, प्रो. मनोज मिश्र, प्रो. प्रदीप कुमार, प्रो. राजेश शर्मा, प्रो. रजनीश भास्कर, प्रो. प्रमोद यादव, प्रो. मिथिलेश सिंह, प्रो. मुराद अली, प्रो. विनोद कुमार, डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. श्याम कन्हैया सिंह, डॉ. शशिकांत यादव, डॉ. जाह्नवी श्रीवास्तव, डॉ. अन्नू त्यागी, डॉ. नृपेंद्र सिंह, डॉ. अनुराग मिश्र, उपकुलसचिव अजीत सिंह, बबीता सिंह सहित अन्य शिक्षक, अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।


