लखनऊ/जौनपुर। राजधानी लखनऊ के रवींद्रालय में आयोजित स्वर्णकार समागम सम्मेलन में प्रदेशभर से हजारों की संख्या में समाज के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान स्वर्णकार समाज की राजनीतिक भागीदारी और विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार आवाज उठी।
सम्मेलन में जौनपुर से बड़ी संख्या में लोग विनीत सेठ और अजीत सोनी के नेतृत्व में दर्जनों वाहनों के साथ पहुंचे और सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई।
स्वर्ण कला बोर्ड गठन की उठी मांग

कार्यक्रम में वक्ताओं ने मध्यप्रदेश की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी स्वर्ण कला बोर्ड के गठन की मांग प्रमुखता से उठाई।
इसके साथ ही आईपीसी की धारा 411/412 के दुरुपयोग पर रोक लगाने और स्वर्णकार समाज को प्राथमिकता के आधार पर असलहा लाइसेंस देने की भी मांग की गई।
“अब समाज जागरूक हो चुका है” – विनीत सेठ
सम्मेलन को संबोधित करते हुए विनीत सेठ ने कहा कि स्वर्णकार समाज अब पूरी तरह जागरूक हो चुका है और किसी भी राजनीतिक दल का बंधुआ मजदूर नहीं रहेगा।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि समाज को उसकी जनसंख्या के अनुपात में राजनीतिक भागीदारी मिलनी चाहिए और अब वह किसी भी दल का पिछलग्गू बनकर कार्य नहीं करेगा।
अजीत सोनी ने जताया आभार
अजीत सोनी ने कार्यक्रम के आयोजकों—सत्यनारायण सेठ, नीरज वर्मा, पुष्पेंद्र वर्मा, श्यामसुंदर वर्मा सहित अन्य का आभार व्यक्त किया। उन्होंने भविष्य में और बड़े स्तर पर सम्मेलन आयोजित करने की बात भी कही।
सैकड़ों लोग हुए शामिल
जौनपुर से सैकड़ों की संख्या में लोग इस सम्मेलन में शामिल हुए, जिससे कार्यक्रम और अधिक प्रभावशाली और ऐतिहासिक बन गया।



