जौनपुर। पूर्वांचल विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह 2026 के अंतर्गत वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए गांवों के विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के लिए विभिन्न शैक्षिक, सांस्कृतिक और खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन विश्वविद्यालय परिसर स्थित एकलव्य स्टेडियम एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) भवन में किया गया। यह कार्यक्रम राजभवन सचिवालय, उत्तर प्रदेश के निर्देशानुसार आयोजित किया गया।
कुलपति ने विद्यार्थियों को दिया विकसित भारत का संदेश
पूर्वांचल विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह 2026 के अवसर पर कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि आज के विद्यार्थी ही विकसित भारत के भविष्य के निर्माता हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान पीढ़ी के छात्र-छात्राएं आगे चलकर वैज्ञानिक, शिक्षक, प्रशासनिक अधिकारी, उद्यमी और समाज के नेतृत्वकर्ता बनेंगे। इसलिए विद्यार्थियों को केवल परीक्षा तक सीमित न रहकर विषयों की गहन समझ विकसित करनी चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित अध्ययन के साथ स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, संतुलित आहार लेने और जंक फूड से बचने की अपील की। उनके अनुसार स्वस्थ शरीर और सकारात्मक सोच ही बेहतर शिक्षा तथा उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है।
प्रतियोगिताओं में ग्रामीण विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा
पूर्वांचल विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह 2026 के तहत आयोजित प्रतियोगिताओं में विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए ग्रामों के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और इंटरमीडिएट विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिताओं में 100 मीटर दौड़, पारंपरिक खेल, पर्यावरण एवं जल संरक्षण पर गीत और अभिनय, देशभक्ति गीत, लोकनृत्य, भाषण, निबंध, चित्रकला, काव्य-पाठ तथा स्टोरी टेलिंग जैसी विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।
कक्षा 3 से 8 और कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग वर्गों में प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। वरिष्ठ वर्ग के विद्यार्थियों ने जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे विषयों पर अपने गांवों में किए गए कार्यों और अनुभवों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
राज्यपाल के हाथों होगा सम्मान
प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का चयन किया गया है। चयनित प्रतिभागियों को आगामी पूर्वांचल विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह 2026 में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति के हाथों सम्मानित किया जाएगा। विजेता विद्यार्थियों की चित्रकला कृतियों की प्रदर्शनी भी दीक्षांत समारोह में लगाई जाएगी तथा चयनित कृतियों का संकलन पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया जाएगा।
एनएसएस समन्वयक ने बताया प्रेरणादायी आयोजन
राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. शशिकांत यादव ने कहा कि ऐसे आयोजनों से ग्रामीण प्रतिभाओं को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है। इससे विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, सामाजिक उत्तरदायित्व और रचनात्मक अभिव्यक्ति की भावना विकसित होती है।
कार्यक्रम का संचालन पूर्व एनएसएस समन्वयक डॉ. राज बहादुर यादव ने किया। इस अवसर पर गोद लिए गए विद्यालयों के शिक्षक राम लगन, उमा सिंह, हिना औन रिज़वी, मिथिलेश शर्मा, चंद्र प्रकाश, जितेंद्र कुमार यादव, अवधेश कुमार वर्मा, स्वतंत्र कुमार पटेल, संतोष कुमार और डॉ. आशीष सिंह सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


