Become a member

Get the best offers and updates relating to Liberty Case News.

― Advertisement ―

spot_img

मछलीशहर विधिक जागरूकता शिविर: लोक अदालत से विवाद निपटाने पर दिया गया जोर

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जौनपुर द्वारा मछलीशहर में आयोजित विधिक जागरूकता शिविर में ग्रामीणों को नि:शुल्क कानूनी सहायता, राष्ट्रीय लोक अदालत, टेलीलॉ सेवा, श्रम कानूनों और बंदियों के अधिकारों के संबंध में जागरूक किया गया।
Homeअपना जौनपुरमड़ियाहूं थाने का दरोगा रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार, एंटी करप्शन...

मड़ियाहूं थाने का दरोगा रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार, एंटी करप्शन की कार्रवाई

जौनपुर। मड़ियाहूं दरोगा रिश्वत गिरफ्तारी मामले में भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन) उत्तर प्रदेश की वाराणसी इकाई ने बड़ी कार्रवाई की है। संगठन के अनुसार मड़ियाहूं थाने में तैनात उपनिरीक्षक रामाश्रय प्रजापति को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के बाद उन्हें आगे की विधिक प्रक्रिया के लिए टीम अपने साथ ले गई।

शिकायत मिलने के बाद कराया गया सत्यापन

एंटी करप्शन संगठन के अनुसार शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि एक मुकदमे में नाम जोड़ने के एवज में उपनिरीक्षक द्वारा रिश्वत की मांग की गई। शिकायत मिलने के बाद संगठन ने मामले का सत्यापन कराया। प्रथम दृष्टया शिकायत सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की योजना बनाई गई।

ट्रैप कार्रवाई में हुई गिरफ्तारी

मड़ियाहूं दरोगा रिश्वत गिरफ्तारी प्रकरण में एंटी करप्शन टीम ने शिकायतकर्ता के माध्यम से ट्रैप कार्रवाई की। संगठन के अनुसार निर्धारित योजना के तहत शिकायतकर्ता द्वारा राशि दिए जाने के दौरान उपनिरीक्षक को उनके कार्यालय के निकट गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उन्हें हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज हुआ मुकदमा

एंटी करप्शन संगठन ने बताया कि आरोपी उपनिरीक्षक के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच जारी है और यह भी देखा जा रहा है कि प्रकरण से जुड़े अन्य तथ्य या अन्य व्यक्तियों की कोई भूमिका है या नहीं।

पुलिस विभाग में चर्चा

कार्रवाई की सूचना मिलने के बाद पुलिस विभाग में इस मामले की चर्चा रही। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी कार्यों में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के मामलों में नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी तथा किसी भी स्तर पर अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।