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Homeअपना जौनपुरMungrabadshahpur News : धूमधाम से मनाया गया महारानी लक्ष्मीबाई का जन्मदिन

Mungrabadshahpur News : धूमधाम से मनाया गया महारानी लक्ष्मीबाई का जन्मदिन

  • कार्यक्रम में बेटियों की शिक्षा पर दिया जोर

जौनपुर धारा, मुंगराबादशाहपुर। नगर के मोहल्ला साहबगंज चूड़ी गली में मंगलवार को झांसी की वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई का जन्मदिन बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। जिसमें लक्ष्मीबाई युवा ब्रिगेड ने बेटियों की शिक्षा, महिलाओं की समाज में भागीदारी को लेकर विशेष जोर दिया गया।अन्त में महिलाओं और बेटियों को अक्षत टीका लगाकर आरती उतारी और उन्हें अंगमवस्त्र से सम्मानित किया गया। लक्ष्मीबाई युवा ब्रिगेड के तत्वाधान में देर शाम शुरू हुए कार्यक्रम का शुभारंभ बेटियों और महिलाओं ने लक्ष्मीबाई के चित्र पर पुष्प अर्पित दीप प्रज्ज्वलित कर किया। शिक्षक संतोष गुप्ता ने कहा कि मातृभूमि की रक्षा के लिए अंग्रेजों से लोहा लेने और हंसते-हंसते अपने प्राणों को न्यौछावर करने वाली इतिहास की महान वीरांगना झांसी की रानी लक्ष्मीबाई को सदैव स्मरण रहेंगी। राजीव जायसवाल ने कहा कि लक्ष्मीबाई ने अपने पराक्रम से अग्रेजों को घुटने टेकने पर विवश कर दिया था। निशांत दुबे ने कहा कि उजाड दिया उस हर दुश्मन को, जिसने झांसी का अपमान मर्दानी की परिभाषा बनकर, आजादी का किया पैगाम दिया। जन्म लिया नारी का फिर भी मर्दानी कहलाई ऐसी थी बेखौफ, निडर महारानी लक्ष्मीबाई। युवा ब्रिगेड के संस्थापक जितेंद्र गुप्ता ने कहा कि आज महारानी लक्ष्मी बाई की जयंती है। उनके राष्ट्र प्रेम, साहस और बलिदान की अमर कहानी बुन्देलखण्ड के इतिहास को गौरान्वित कर महिलाओं के लिए आज भी प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है। देश की आजादी के लिए वर्ष 1857 की पहली लड़ाई में जहां राजाओं, नवाबों, देशभक्त साधन सम्पन्न साहसिक नागरिकों ने संघर्ष किया। वहीं रानी लक्ष्मीबाई का राष्ट्र प्रेम संघर्ष आज भी यादगार बना हुआ है। पत्रकार सूरज विश्वकर्मा ने कहा कि महारानी लक्ष्मीबाई पराक्रम और शौर्य की मिसाल हैं। उन्होंने 1857के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजों का डटकर मुकाबला किया था। पर्दा प्रथा और सती प्रथा के उस दौर में महारानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजों से लड़ने के लिए नारी सेना बनाकर महिला सशक्तिकरण का उदाहरण प्रस्तुत किया था। मातृभूमि की रक्षा के लिए अंग्रेजों से लोहा लेने और हंसते-हंसते अपने प्राणों को न्यौछावर करने वाली इतिहास की महान वीरांगना झांसी की रानी युग युगांतर लक्ष्मीबाई की शौर्य गाथा महिलाओं को प्रेरित करती रहेगी। कार्यक्रम के अन्त में महिलाओं और बेटियों को अक्षत टीका लगाया, आरती उतारी, उन्हें अंगमवस्त्र से सम्मानित किया और चरण स्पर्श कर मातृशक्तियों से आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर संस्थापक जितेंद्र गुप्ता, पत्रकार सूरज विश्वकर्मा, सुनील जायसवाल, गोलू मोदनवाल, यूसुफ अली, राहुल गुप्ता, हरिशंकर बाबाजी, नितिन भोज्यवाल, राजीव जायसवाल, रीमा मौर्या, सेजल सोनी, परी, िंपकी गुप्ता, नसीबा, सांची, कन्हैया, रितेश, विनय कुमार सहित अन्य मौजूद रहे।