जौनपुर। भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एसीओ) और विजिलेंस टीम की कथित गलत ट्रैप कार्रवाई के विरोध में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने शनिवार को प्रदेशव्यापी आंदोलन किया। जौनपुर सदर तहसील समेत प्रदेश की 75 जनपदों की 351 तहसीलों में लेखपालों ने एक दिवसीय कलम बंद हड़ताल कर तहसील परिसरों में धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान उपजिलाधिकारी और जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित तीन सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया।
सोहावल प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग
संघ के पदाधिकारियों के अनुसार, 20 अगस्त को अयोध्या की सोहावल तहसील में तैनात एक लेखपाल के खिलाफ हुई विजिलेंस कार्रवाई के बाद प्रदेशभर के लेखपालों में आक्रोश है। संघ का आरोप है कि घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज, ऑडियो रिकॉर्डिंग और वायरल वीडियो से प्रथमदृष्टया संबंधित लेखपाल को साजिश के तहत पैसे देकर फंसाए जाने की आशंका प्रतीत होती है। संघ ने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
लेखपालों के लिए सुरक्षित कार्य वातावरण की मांग
लेखपाल संघ ने कहा कि लेखपाल राजस्व विभाग की जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। भूमि पैमाइश, अतिक्रमण संबंधी कार्रवाई और विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। संघ का आरोप है कि नियमों के विपरीत कार्य नहीं करने पर कई बार असामाजिक तत्व या भू-माफिया रंजिश के कारण लेखपालों को झूठे मामलों में फंसाने का प्रयास करते हैं।
पदाधिकारियों ने कहा कि शिकायतकर्ता की पृष्ठभूमि और आरोपों की पर्याप्त जांच किए बिना कार्रवाई होने से ईमानदार कर्मचारियों का मनोबल प्रभावित होता है।
तीन सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन
लेखपाल संघ ने अयोध्या के सोहावल प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषी पाए जाने वाले साजिशकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करने, एसीओ और विजिलेंस विभाग के लिए स्पष्ट एवं पारदर्शी ट्रैप गाइडलाइंस जारी करने तथा लेखपालों के लिए सुरक्षित एवं सम्मानजनक कार्य वातावरण सुनिश्चित करने की मांग की।
तहसील अध्यक्ष विक्रांत सिंह चौहान और तहसील मंत्री संजीव कुमार सिंह ने कहा कि संघ भ्रष्टाचार का समर्थन नहीं करता, लेकिन किसी निर्दोष कर्मचारी को साजिश के तहत प्रताड़ित किया जाना स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं किया गया तो संगठन आगे आंदोलन को और तेज करने के लिए बाध्य होगा।


