जौनपुर। जौनपुर स्कूल बस जांच के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक में शासन के स्कूल वाहन निगरानी पोर्टल के आधार पर बताया गया कि जिले में 113 स्कूल वाहनों की फिटनेस फेल है, जबकि 244 वाहन बिना वैध या समाप्त परमिट के संचालित हो रहे हैं। इस पर जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. ने नाराजगी जताते हुए संबंधित विद्यालयों को तीन दिन के भीतर सभी दस्तावेज दुरुस्त कराने का अंतिम निर्देश दिया।
तीन दिन में दस्तावेज पूरे करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर फिटनेस, परमिट और अन्य आवश्यक अभिलेख अद्यतन नहीं किए गए तो संबंधित विद्यालयों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
स्कूल बसों के लिए सुरक्षा मानक अनिवार्य
बैठक में विद्यालय प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए गए कि सभी स्कूल बसें निर्धारित गति सीमा में संचालित हों। चालक वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करें तथा सभी वाहन पीले रंग में हों।
इसके अलावा प्रत्येक बस पर आगे और पीछे स्पष्ट रूप से ‘विद्यालय बस’ तथा विद्यालय का नाम अंकित होना चाहिए। सभी वाहनों में स्पीड लिमिट डिवाइस, प्राथमिक उपचार किट और अग्निशमन यंत्र अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
मान्यता निरस्तीकरण की भी चेतावनी
जिला विद्यालय निरीक्षक देवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि जिन विद्यालयों के फिटनेस या परमिट संबंधी प्रपत्र लंबित हैं, वे तीन दिन के भीतर उन्हें पूर्ण कर लें। अन्यथा संबंधित विद्यालयों की मान्यता प्रत्याहरण (निरस्तीकरण) के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा।
उन्होंने विद्यालयों को अपने स्तर पर विद्यालय सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित कर उसकी कार्यवाही शासन के पोर्टल पर अपलोड करने के भी निर्देश दिए।
कई अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी अजय अंबष्ठ, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) सत्येंद्र कुमार सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. समीर, यात्री एवं मालकर अधिकारी प्रमोद कुमार, संभागीय निरीक्षक (प्राविधिक) अशोक कुमार यादव, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी धर्मराज राम, यातायात निरीक्षक मनोज कुमार पांडेय सहित विभिन्न विद्यालयों के प्रबंधक एवं प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद जिले के स्कूल वाहन संचालकों में हड़कंप की स्थिति है।
बैठक के प्रमुख तथ्य
- 113 स्कूल बसों की फिटनेस फेल।
- 244 वाहन बिना वैध या समाप्त परमिट के संचालित।
- तीन दिन में दस्तावेज पूरे करने के निर्देश।
- लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी।
स्कूल बसों के लिए अनिवार्य नियम
- निर्धारित गति सीमा का पालन।
- चालक मोबाइल फोन का प्रयोग न करें।
- बस का रंग पीला होना अनिवार्य।
- ‘विद्यालय बस’ और स्कूल का नाम स्पष्ट अंकित हो।
- स्पीड लिमिट डिवाइस, फर्स्ट एड किट और अग्निशमन यंत्र अनिवार्य।


