जौनपुर। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार तथा जनपद न्यायाधीश सुशील कुमार शशि की अध्यक्षता में संवर्धन द्वितीय चरण के अंतर्गत पराविधिक स्वयंसेवकों (अधिकार मित्र) के लिए क्लस्टर आधारित मासिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन जिला न्यायालय परिसर में किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।
इस अवसर पर जनपद न्यायाधीश ने पराविधिक स्वयंसेवकों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और विधिक सहायता पहुँचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में बाल संरक्षण अधिकारी, समाज कल्याण अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, सहायक श्रमायुक्त अधिकारी, मध्यस्थ और अधिवक्ताओं ने विभिन्न विषयों पर विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने विधिक सेवा योजनाओं, महिला एवं बाल संरक्षण कानून, घरेलू हिंसा, अपराध पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना, नि:शुल्क विधिक सहायता, सुलह एवं मध्यस्थता प्रक्रिया तथा जनजागरूकता अभियानों के संचालन के बारे में जानकारी साझा की।
इस दौरान असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल ने एलएडीसीएस द्वारा उपलब्ध नि:शुल्क विधिक सहायता सेवाओं के बारे में भी स्वयंसेवकों को अवगत कराया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. दिलीप कुमार सिंह ने किया, जबकि समापन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सुशील कुमार सिंह ने किया।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पराविधिक स्वयंसेवकों को सक्षम, प्रशिक्षित और संवेदनशील बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया, ताकि वे समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्गों तक न्याय पहुंचाने में प्रभावी भूमिका निभा सकें।



