जौनपुर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जनक कुमारी इंटरमीडिएट कॉलेज, सिविल लाइंस जौनपुर में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जनपद न्यायाधीश के निर्देशन में संपन्न हुआ।
कानूनी सहायता योजनाओं की दी जानकारी
कार्यक्रम में सिविल जज (सीनियर डिवीजन) एवं सचिव पूर्णकालिक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुशील कुमार सिंह ने छात्रों को नि:शुल्क कानूनी सहायता योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने नशा उन्मूलन, सड़क सुरक्षा और विधिक जागरूकता पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने कहा कि 18 वर्ष की आयु के बाद ही वाहन चलाना चाहिए तथा ड्राइविंग लाइसेंस और बीमा दस्तावेज साथ रखना अनिवार्य है।
महिलाओं और पीड़ितों को सहायता का भरोसा
सचिव सुशील कुमार सिंह ने बताया कि यदि किसी महिला, बालिका या पीड़ित व्यक्ति की शिकायत नहीं सुनी जाती है, तो वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सहायता ले सकते हैं।
लोक अदालत और लीगल एड की जानकारी
कार्यक्रम में राष्ट्रीय एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं, मध्यस्थता केंद्र, फ्रंट ऑफिस, लीगल एड डिफेंस सिस्टम और पैनल अधिवक्ताओं की व्यवस्था की जानकारी दी गई।
वक्ताओं ने बताया कि सुलह योग्य सिविल, आपराधिक, बैंक, बीमा, चेक बाउंस और किरायेदारी से जुड़े मामलों का निस्तारण राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से आसानी से किया जा सकता है। इसमें कोर्ट फीस भी वापस हो जाती है और निर्णय अंतिम माना जाता है।
गरीब और जरूरतमंदों को मुफ्त कानूनी सहायता
शिविर में बताया गया कि लीगल एड डिफेंस सिस्टम के तहत गरीब, निर्धन, पीड़ित और जेल में बंद व्यक्तियों को नि:शुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
हेल्पलाइन नंबरों की दी जानकारी
कार्यक्रम में 15100, 101, 1098, 1912 और 100 जैसे आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई और जरूरत पड़ने पर इनके उपयोग के लिए प्रेरित किया गया।
कई अधिकारी और छात्र रहे मौजूद
कार्यक्रम में डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल डॉ. दिलीप कुमार सिंह, क्षेत्रीय वन अधिकारी शालिनी चौरसिया, परामर्शदाता सीमा सिंह, देवेंद्र कुमार यादव, प्रधानाचार्य शंकर बहादुर सिंह, पुलिस विभाग के अधिकारी, शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. दिलीप कुमार सिंह ने किया, जबकि अंत में प्रधानाचार्य ने सभी का आभार व्यक्त किया।



