Become a member

Get the best offers and updates relating to Liberty Case News.

― Advertisement ―

spot_img

पूरनपुर में अंडरपास निर्माण की मांग पर डीआरएम का निरीक्षण, ग्रामीणों को मिली नई उम्मीद

पूरनपुर गांव के सामने बंद किए गए रेलवे मार्ग पर अंडरपास निर्माण की मांग को लेकर डीआरएम वाराणसी ने निरीक्षण किया। ग्रामीणों को उम्मीद है कि स्वीकृति मिलने के बाद वर्षों पुरानी आवागमन समस्या का समाधान होगा।
Homeअपना जौनपुरJaunpur Kartik Purnima 2024 : कार्तिक पूर्णिमा श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की...

Jaunpur Kartik Purnima 2024 : कार्तिक पूर्णिमा श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

  • मेले में जमकर हुई घरेलू उपयोग में आने वाली सामग्री की बिक्री

जौनपुर धारा, जौनपुर। कार्तिक पूर्णिमा पर शुक्रवार की भोर पहर से गंगा स्नान के लिए भक्तों का संगम उमड़ा रहा। नगर के सूरज घाट पर हजारों की संख्या में नगरीय, ग्रातीण व आस-पास जिलों से पहुंचकर श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। इस दौरान सूरज घाट पर आस्था का सैलाब उमड़ा रहा। इसी तरह गोमती तट पर लोगों ने डुबकी लगाने के बाद भगवान विष्णु की पूजा की तथा गरीबों में वस्त्र, अन्न आदि का दान दिया। स्नान और दान के बाद श्रद्धालुओं का रेला मेला की ओर पहुंचा, वहां लोगों ने रेवड़ी, गट्टा, लाई, चिवड़ा के साथ मिठाइयों का स्वाद लिया। यहां किसानी और घरेलू उपयोग का चौका, बेलना, हाथा, दौरी, सूप, चलनी, मिट्टी के बर्तन के साथ ही खेती-किसानी के सामानों में जुआठ, तावा, चाकू, हंसिया, खुरपी, फरसा आदि की खरीदारी की। यह मेला और स्नान पर्व पर देर शाम तक चलता रहा।

गोमती स्थल पर हजारों श्रद्धालुओं ने तड़के सुबह से ही स्नान शुरू कर दिया था, जहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने अष्टावक्र महराज की पूजा भी किया। यहां त्रिमुहानी पर विशाल मेले का आयोजन रहा। इस पवित्र घाट पर स्नान के बाद श्रद्धालु अन्न और द्रव्य का दान करते हैं। वर्षों से चले आ रहे इस परम्परा के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा के दिन सूरजघाट पर नहान की परम्परा है, जिसमें दूर-दराज से आये लोग पर हजारों की संख्या में आस्था की डुबकी लगातें है।

पूर्णिमा के इस महान पर्व पर जहाँ लाखों लोगों का आना-जाना रहा है, वहीं पुलिस-प्रशासन की भी व्यवस्था भी चुस्त दुरूस्त रही। इस दिन जनपद के कोने-कोने से लाखों की संख्या में श्रद्धालु आतें है। स्नान और दान के बाद जमकर देसी सामानों की खरीदारी करतें है। इस स्नान वाले स्थान के काफी दूर तक मेला आकर्षक का केन्द्र बना रहा। मेंले में अधिकतर मिट्टी के बर्तनों की खरीदी के साथ ही गुड़ वाली जलेबी, लाई, चूड़ा, गट्टा, चाट, पकौड़ियों के ठेले भी गुलजार रहे। दूर-दराज से आये दर्शनार्थियों ने पहले स्नान किया और फिर घाट के पास ही स्थित मंदिर में मत्था टेका व शान्ति के लिये ईश्वर से प्रार्थना की।