― Advertisement ―

spot_img
Homeअपना जौनपुरJaunpur Dhara News : पितृ पक्ष के प्रथम दिन वशजों ने किया...

Jaunpur Dhara News : पितृ पक्ष के प्रथम दिन वशजों ने किया तर्पण

जौनपुर धारा,जौनपुर। बुधवार को पितृ पूर्णिमा के अवसर पर गंग्ाा घाटों पर श्रद्धा का सैलाब उमड़ा। पितरों की आत्मा शांति और मोक्ष की कामना के लिए वंशजों ने तर्पण किया। पितरों को प्रसन्न करने के लिए श्राद्ध पक्ष के पहले दिन बुधवार को हनुमान घाट पर श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से मंत्रोच्चार के साथ पितरों का श्राद्ध किया। बताते चलें कि भाद्रपद की पूर्णिमा और अश्विन मास की कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा को पितृ पक्ष कहा जाता हैं। सनातन धर्म में पितृ पक्ष का विशेष महत्व है। इस दौरान विधि-विधान और श्रद्धा भाव से पितरों की पूजा की जाती है। पितृ पक्ष के दौरान पितरों को तर्पण दिया जाता है, साथ ही पितृ पक्ष के दौरान श्राद्ध कर्म और पिंडदान करने का भी विधान है। नगर के हनुमान घाट पर लोगों ने अपने पूर्वजों को विधि-विधान से पूजन कर जल अर्पण किया। हिन्दू मान्यता के अनुसार मनुष्य को देवताओं की पूजा करने से पहले अपने पूर्वजों की पूजा करनी चाहिए क्योंकि ऐसा माना जाता है कि इससे देवता प्रसन्न होते हैं। इसी वजह से भारतीय समाज में बड़ों का सम्मान और मरणोपरांत पूजा की जाती है। ये प्रसाद श्राद्ध के रूप में होते हैं जो पितृपक्ष में पड़ने वाली मृत्यु तिथि को किया जाता है और यदि तिथि ज्ञात नहीं है, तो अश्विन अमावस्या की पूजा की जा सकती है जिसे सर्व प्रभु अमावस्या भी कहा जाता है। मान्यता के अनुसार इस दिन तालाब, नदी या अपने घर में व्यवस्था अनुसार जवा, तिल, गंगाजल, वस्त्र आदि सामग्री के द्वारा पितरों की शांति, ऋषि एवं सूर्य को प्रसन्न करने के लिए तर्पण किया जाता है। इसलिए श्रद्धा के साथ पितरों का आह्वान करना होता है। शानिवार को हनुमान घाट पर दर्जनों वंशजों ने श्राद्ध पक्ष के चलते पितरों को पानी दिया। स्थानीय पुजारी ने बताया कि मनुष्य के ऊपर तीन ऋण होते हैं, जिसमें देव ऋण, ऋषि ऋण और पितृ ऋण शामिल है। इस दौरान जिस तिथि में पूर्वजों का देहांत हो गया है। उस तिथि को याद करके उनके लिए जल, फल, फूल आदि समर्पित किया गया। श्रद्धालु ब्रह्म मुहूर्त के साथ ही गंगा स्नान कर पितरों का स्मरण किया। सूर्योदय की घड़ी में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पितरों का स्मरण करके जल से तर्पण किया।तर्पण के दौरान श्रद्धालुओं ने कुश, तिल, जौ आदि हाथ में लेकर जलदान किया।तर्पण के दौरान श्रद्धालुओं ने कुश, तिल, जौ आदि हाथ में लेकर जलदान किया।

Share Now...