Become a member

Get the best offers and updates relating to Liberty Case News.

― Advertisement ―

spot_img
Homeअपना जौनपुरदीपक की मौत की जांच की मांग को लेकर धरना जारी

दीपक की मौत की जांच की मांग को लेकर धरना जारी

परिजनों ने एसआईटी जांच, आरोपितों की गिरफ्तारी और परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग उठाई

जौनपुर। खुटहन थाना क्षेत्र के मुजक्कीपुर गांव निवासी दीपक विश्वकर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में परिजनों का आंदोलन जारी है। परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने, आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई और आर्थिक सहायता देने की मांग की है। परिजनों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक धरना जारी रहेगा।

एक सितंबर को खेत के पास मिला था शव

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दीपक विश्वकर्मा 30 अगस्त को लापता हुए थे। परिजनों ने उनकी तलाश शुरू करने के साथ खुटहन थाने में गुमशुदगी की सूचना दी थी। एक सितंबर को उनका शव घर से कुछ दूरी पर खेत के पास मिला। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की थी।

मृतक के परिजन मौत की परिस्थितियों को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जता रहे हैं। उनका आरोप है कि गुमशुदगी की सूचना देने के बाद पुलिस ने अपेक्षित तेजी से कार्रवाई नहीं की। हालांकि, हत्या की आशंका और पुलिस की कथित लापरवाही के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मौत का वास्तविक कारण जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगा।

एसआईटी गठन और साक्ष्यों की जांच की मांग

परिवार की ओर से मुख्यमंत्री को संबोधित मांग-पत्र जिला प्रशासन को सौंपे जाने की जानकारी दी गई है। इसमें मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित करने तथा वैज्ञानिक साक्ष्यों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने की मांग की गई है। परिजन चाहते हैं कि मामले से जुड़े तथ्यों के आधार पर जिम्मेदार लोगों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

परिवार के लिए 50 लाख रुपये की सहायता मांगी

परिजनों ने मृतक की पत्नी सोनी विश्वकर्मा और परिवार के भरण-पोषण के लिए 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग भी रखी है। इसके अलावा परिवार को आजीविका के लिए ग्राम समाज की भूमि का पट्टा और सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की गई है।

कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रखने की बात

उपलब्ध स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, आठ सितंबर को भी परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस कार्रवाई के प्रति नाराजगी जताते हुए प्रदर्शन किया था। उस समय भी उन्होंने मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई थी।

परिजनों का कहना है कि उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई और लिखित आश्वासन मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा। फिलहाल मामले में मौत की वास्तविक परिस्थितियों और परिजनों के आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों से ही हो सकेगी।