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जंतर-मंतर की घटना की निष्पक्ष जांच की मांग, राष्ट्रपति और मानवाधिकार आयोग को भेजा ज्ञापन

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान कथित हिंसा और मानवाधिकार उल्लंघन की घटना को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। संगठन ने राष्ट्रपति, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन भेजकर घायलों को न्याय और सहायता दिलाने की मांग की।
Homeअपना जौनपुरसूखता जलस्तर और गहराता जल संकट, जून में बढ़ सकती है परेशानी

सूखता जलस्तर और गहराता जल संकट, जून में बढ़ सकती है परेशानी

जौनपुर में गोमती नदी का जलस्तर तेजी से घट रहा है।
अप्रैल महीने में ही नदी का पानी काफी कम हो गया है और कई जगहों पर रेत के टीले दिखाई देने लगे हैं।
भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।

गोमती नदी का जलस्तर लगातार गिर रहा है

आदि गंगा गोमती नदी, जो जौनपुर की जीवनदायिनी मानी जाती है, इस समय गंभीर संकट में है।
शाही पुल के आसपास जहां पहले पानी बहता था, वहां अब सूखी रेत नजर आ रही है।
लगातार बढ़ती गर्मी के कारण जलस्तर में तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है।

पेयजल आपूर्ति पर सीधा असर

जलस्तर गिरने से शहर की पेयजल व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
वॉटर वर्क्स में पानी की आपूर्ति कम हो गई है।
कई इलाकों में नलों से पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है, जिससे लोग परेशान हैं।

बढ़ता प्रदूषण बना गंभीर समस्या

कम पानी के कारण नदी में प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है।
गंदगी और अपशिष्ट का प्रभाव बढ़ने से पानी की गुणवत्ता खराब हो रही है।
इससे जलीय जीवन पर गंभीर संकट पैदा हो गया है।

पर्यावरण संतुलन पर खतरा

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि स्थिति ऐसे ही बनी रही, तो नदी का पारिस्थितिक संतुलन बिगड़ सकता है।
मछलियों की मृत्यु और प्रदूषण बढ़ने से पर्यावरण पर बड़ा असर पड़ सकता है।

गोमती नदी का गिरता जलस्तर जौनपुर में गंभीर जल संकट का संकेत है।
यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले महीनों में स्थिति और खराब हो सकती है।